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Sant Kabir Nagar News: सरयू का जलस्तर घटा, बर्बाद गृहस्थी ने बढ़ाई चिंता

Thu, 19 Sep 2024 11:35 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- सरयू और एमबीडी बांध के बीच धनघटा क्षेत्र के 34 गांव प्रभावित, खेत में फसलें नष्ट होने से किसानों का संकट बढ़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी

धनघटा। सरयू नदी का पानी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान से घटकर 79.100 मीटर पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर जरूर घटा लेकिन बाढ़ से प्रभावित गांव के लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है। बाढ़ से नष्ट हुई फसलों को लेकर जहां किसान भविष्य की सोच में है। वहीं जिनके मकान बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हो चुके हैं उन्हें बसने की चिंता सता रही है।

सरयू नदी और एमबीडी बांध के बीच धनघटा तहसील के 34 गांव बसे हुए हैं। प्रति वर्ष बरसात के मौसम में बाढ़ के कारण नदी के समीपवर्ती गांव के लोग उजड़ते हैं और बाढ़ हटने के बाद बसते हैं। लेकिन इस वर्ष नदी ने इस तरह तबाही मचाई कि नुकसान की भरपाई करना मुश्किल होगा। बाढ़ से 20 गांव के 2100 परिवार के प्रभावित होने की बात तहसील प्रशासन तो बता रहा है, लेकिन फसलें कितनी नष्ट हुई हैं इसका आकलन अभी तक नहीं हो सका है।
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बाढ़ के पानी से फसलें सड़ने के कगार पर
बाढ़ पीड़ित रामाश्रय, राम शंकर, राम सुरेश, दीनानाथ, शंभू शरण, जगन्नाथ, महादेव, राममिलन, राम सूरत, काली प्रसाद, राम उजागीर, उदयभान आदि का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ आने के बाद फसलें कुछ न कुछ बच जाती थीं, लेकिन इस वर्ष नदी ने इस तरह तबाही मचाई है कि फसल के ऊपर आज भी पानी हिलोरा मार रहा है। धान की बाली में पानी भर जाने से पैदावार नहीं होगी और पानी हटने के बाद फसल गिरकर सड़ जाएगी। लोगों का कहना है कि बाढ़ के डर से दियारा के लोग अधिकतर छप्पर डालकर उसमें निवास करते हैं। घरों में पानी घुसने के बाद छप्पर के मकान या तो गिर गए हैं या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दोबारा मकान बनाना आसान नहीं है।

स्वास्थ्य विभाग ने नहीं कराया छिड़काव
बाढ़ प्रभावित लोगों का कहना है कि दरवाजे पर कीचड़ होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। मच्छर मारने या भगाने के लिए दवा के छिड़काव की जरूरत है, लेकिन छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सुरक्षित स्थान पर रखे गए अनाज से काम चल रहा है। प्रशासन के लोग लोग बुधवार से राहत सामग्री वितरण करने की कवायद शुरू किए हैं। लेकिन पैकेट में रखा गया सामान नाकाफी है।

तीन हजार से अधिक परिवार बाढ़ से प्रभावित
किसानों का कहना है कि प्रशासन केवल 2100 परिवार के प्रभावित होने का दावा कर रहा है, जबकि 3000 से अधिक परिवार के लोग बाढ़ से प्रभापित हैं। अगर प्रशासन के दावे को ही सही मान लें तो एक परिवार का खेत से मकान तक 50,000 से लेकर एक लाख से अधिक रुपये की क्षति हुई है।

1200 बाढ़ पीड़ितों को वितरित की राहत सामग्री

संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। जिले की प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने बृहस्पतिवार को धनघटा क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उसके बाद पौली ब्लाॅक के बगही में गांव में राहत सामग्री वितरण के लिए लगाए गए शिविर में पहुंचकर 1200 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री वितरित की।
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पौली और रोसया बाजार प्रतिनिधि के अनुसार प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा से निपटने का हर संभव उपाय किया जा रहा है। पीड़ित परिवारों को सरकारी मदद त्वरित गति के साथ करने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया गया है। इसके पहले प्रभारी मंत्री तुरकौलिया नायक पहुंची। जहां सरयू नदी के कटान का जायजा ली। उन्होंने प्रतिवर्ष आने वाली इस तरह की त्रासदी को रोकने के लिए अधिकारियों को कार्य योजना बनाने का आदेश दिया। उसके बाद वह अगापुर गुलरिहा गांव के लोगों का बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया। बगही में आयोजित कार्यक्रम में विधायक गणेश चंद चौहान, पौली ब्लाॅक के प्रमुख राममिलन यादव, प्रदीप अग्रहरि, जगदंबा श्रीवास्तव, गणेश पांडेय, प्रधान प्रतिनिधि हरेंद्र, देवेंद्र यादव आदि लोग मौजूद रहे।


राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। पानी हटने के बाद नुकसान हुई फसलों का भी आकलन किया जाएगा।
- रमेश चंद्र, एसडीएम
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