धनघटा/मेंहदावल। जिले में सरयू और राप्ती दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। धनघटा के बिड़हर घाट में सरयू लाल निशान के करीब पहुंच गई है। शुक्रवार की शाम बिड़हरघाट पर सरयू का जलस्तर 78.950 मीटर दर्ज किया गया है जो खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे है।
24 घंटे में सरयू का पानी 15 सेमी बढ़ा है। गायघाट दक्षिणी व आसपासके इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। वहीं, मेंहदावल में 24 घंटे में 65 सेमी राप्ती नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। धनघटा के बिड़हर घाट पर सरयू का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर तेजी के साथ बढ़ रहा है। सरयू के बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट है। सरयू के मांझा में बसे हुए ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर सहमे है।
गायघाट दक्षिणी व आसपास क्षेत्रों के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। बिड़हर घाट में बढ़ते जलस्तर के कारण सरयू में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है।
गुनवतिया, सियरकला, दौलतपुर, सियाराम अधीन, चपरा पूर्वी, खाले पुरवा, छपरा मगर्वी आदि गांवों में नदी के बढ़ते जलस्तर ने बेचैनी बढ़ा दी है। नदी का जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो दो दिनों के भीतर नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर जाएगा। तुरकौलिया बंधे पर सिंचाई विभाग के अधिकारी नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क है। यहां बंधे पर नदी का दबाव बना हुआ है। तेजपुर, नकहा, भुतहा में नदी के पानी ने धान की फसल को डुबा दिया है।
गायघाट दक्षिणी के ग्राम प्रधान बालेंद्र उर्फ पप्पू ने बताया कि नदी का पानी उनके गांव के करीब पहुंच चुका है। नदी ने अगर खतरे के निशान को पार किया तो गायघाट दक्षिणी के लोगों को घर छोड़कर बाढ़ शरणालय में शरण लेना मजबूरी हो जाएगी।
इस संबंध में तहसीलदार रामजी ने बताया कि बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। हल्का लेखपालों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है।