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Sant Kabir Nagar News: मिश्र बंधुओं ने संभाली थी भारत छोड़ो आंदोलन की कमान

Fri, 07 Aug 2026 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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मेंहदावल। कबीर की भूमि पर स्वतंत्रता आंदोलन में मेंहदावल के मिश्र बंधुओं का नाम आगे लिया जाता है। क्षेत्र के रक्शा गांव निवासी मिश्र बंधुओं ने तत्कालीन बस्ती जनपद में स्वतंत्रता आंदोलन की कमान संभाली थी। इसमें सबसे बड़े लालसा प्रसाद मिश्र ने भारत छोड़ो आंदोलन की कमान भी संभाली थी।
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ग्रामीणों ने बताया कि अंग्रेजों के शासन के दौरान राजा चंगेरा के खिलाफ वर्ष 1930 में पंडित लालसा प्रसाद मिश्र, उनके दोनों छोटे भाई बंशराज व श्यामलाल मिश्र ने विद्रोह का बिगुल फूंका था। सिद्धार्थनगर के बांसी स्थित उनके महल के सामने विद्रोह को लेकर सभी को कड़ी यातनाएं भी झेलनी पड़ी थीं। पंडित लालसा प्रसाद मिश्र के बुलावे पर राजा चंगेरा के खिलाफ आंदोलन में चंद्रशेखर आजाद भी बांसी आए थे। बाद में लालसा प्रसाद को नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार जेल मे बंद रहने के दौरान ही उनके इकलौते पुत्र की मौत हो गई थी। यह दौर भी उनके इरादे को बदल नहीं सका। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बंशराज मिश्र ने भारत छोड़ो आंदोलन में यहां नेतृत्व किया था। इस आंदोलन के जिले में वह प्रभारी थे।
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उन्हें तीन दिसंबर 1942 से जून 1943 तक जेल में रहना पड़ा था। फिर इस आंदोलन की कमान उनके बड़े भाई लालसा प्रसाद मिश्र ने संभाला। स्वतंत्रता आंदोलन में मिश्र परिवार के याेगदान को देखते हुए 15 अगस्त 1972 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लालसा प्रसाद को ताम्र पत्र प्रदान करते हुए सम्मानित किया था। मेंहदावल विकास खंड परिसर में बने स्मारक पर मिश्र बंधुओं का नाम दर्ज है। लालसा प्रसाद आजादी के बाद हुए पहले आम चुनाव में यहां से विधायक भी चुने गए थे।
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