गायघाट के पास सरयू नदी में डूबे हुए परक्यूपाइन । संवाद
महुली/रोसया बाजार। जिले में सरयू नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्तमान समय में नदी खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ा है।
नदी 11 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। वहीं ढोलबजवा में नदी के बहाव की तेज रफ्तार के चलते कटान भी हो रही है। इसके चलते लोगाें में दहशत है। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते धान और सब्जियों की जो फसलें पानी कम होने से बाहर निकल आई थीं। वह जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर डूबती नजर आ रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी का प्रवाह भी तेज हो रहा है।
इसके चलते तुर्कवलिया, ढोलबजवा के साथ ही साथ भिखारीपुर व अन्य स्थानों पर नदी के भीतरी हिस्से में कटान हो रही है। इसके चलते नदी के खेत के हिस्से धीरे-धीरे नदी में समाते जा रहे हैं। चूंकि नदी के प्रवाह का हिस्सा एमबीडी बांध की तरफ अधिक है, इसलिए बांध क्षेत्र में कटान अधिक हो रही है। जबकि अंबेडकरनगर के क्षेत्र में कटान कम हो रही है। एमबीडी बांध तथा नदी की मुख्य धारा के पांच किलोमीटर चौड़े द्वाबा क्षेत्र के बीच बसे हुए 32 गांवों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों में जाने के लिए लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
नदी का वेग तेज होने से नाविकों को पतवार चलाने में भी दिक्कतें हो रही हैं। खालेपुरवा गांव के श्रीराम बताते हैं कि नदी के भीतरी इलाके में पशुओं को चारा लाने के लिए काफी कठिनाइयां हो रही हैं। वहीं ढोलबजवा के रबिन्द्र बताते हैं कि नदी सड़क को काट रही है। बिजली के पोल भी शीघ्र ही नदी की धारा में समा जाएंगे। अगर सड़क कट गयी तो नदी का पानी गांव के अंदर पहुंच जाएगा। वह गांव के घरों को भी काटने लगेगा।
कुल मिलाकर सरयू का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र के लोगों का संकट बढ़ा है। अगर जलस्तर में और वृद्धि होती है तो नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगी। खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने पर बंधों पर पानी ओवरफ्लो भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में दलदली हो चुके बंधों के कटने का भी खतरा है।