धनघटा। सरयू नदी पिछले 24 घंटे से 78.70 मीटर पर स्थिर है। नदी का पानी न बढ़ने और न घटने से क्षेत्र के निचले हिस्साें में पानी भरा हुआ है।पिछले रिकॉर्ड 78.55 को तोड़ते हुई नदी का जलस्तर सोमवार को 78.70 पर पहुंच गया था। नदी का पानी 78.70 पर ही मंगलवार को भी स्थिर रहा। नदी का जलस्तर बढ़ने से तहसील क्षेत्र के पूर्वी निचले हिस्सा में बाढ़ का पानी भर गया था जिससे फसलें डूबी हुई हैं।
गायघाट दक्षिणी, रामपुर दक्षिणी, ढोल बजा, खरगपुर, चकदहा, सुअरहा, सियर कला, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर गुलरिहा, छपरा मगरवी आदि गांव के करीब बाढ़ का पानी पहुंचकर रुका हुआ है। लालचंद, कुंदन, रामरूप, राधेश्याम, रामहित, राजमन आदि का कहना है कि एमबीडी बांध के उत्तर भले ही बाढ़ के पानी का असर नहीं है लेकिन बांध से दक्षिण धीरे-धीरे करके पानी भर गया है।
बिड़हर घाट पर बाढ़ निरोधक तैयारियों का लिया जायजा ः धनघटा। क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर मंगलवार को स्थिर रहा। मंगलवार की शाम एसडीएम धनघटा वीरेंद्र गुप्ता ने बिड़हर घाट व तुर्कवलिया पहुंच कर बाढ़ तैयारियों का जायजा लिया। बिड़हर घाट पहुंचे एसडीएम ने मंदिर के आसपास चल रही नदी की कटान का जायजा लिया। नदी का दबाव घाट की सीढ़ियों पर बना हुआ है। एसडीएम ने तुर्कवलिया बंधे पर मौजूद ड्रेनेज खंड के अधिकारियों से वार्ता कर बाढ़ सुरक्षा में चल रही तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने बंधों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का निर्देश दिया। मांझा क्षेत्र के सभी हल्का लेखपालों को नदी की स्थित पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है। साथ ही बाढ़ से घिरने की स्थित में गांवों में चिकित्सा सेवा मुहैया कराने का भी निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन बाढ़ जैसी स्थित से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है। दूसरी तरफ गायघाट दक्षिणी के सिवान में अब बाढ़ का पानी फैलने लगा है। इससे जगदीशपुर, गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा, सियर कला, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटौआ, आगापुर, गुलरिहा आदि गांवों के लोग परेशान नजर आने लगे हैं।