रोसयाबाजार। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जल स्तर से जहां नदी के तटवर्ती गांवों में दहशत का माहौल व्याप्त है। कारण यह है कि नदी अब खतरे के निशान से मात्र 80 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। सरयू नदी की मेन स्ट्रीम और बंधे के बीच स्थित चार गांवों में पानी पहुंच चुका है। वहीं धनघटा तहसील क्षेत्र के तकरीबन 26 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराता नजर आ रहा है। वहीं पशुओं के लिए भी चारे का संकट खड़ा हो गया है।
बता दें कि विकास खंड पौली में सरयू के जल स्तर में लगातार वृद्धि से पौली विकास क्षेत्र के चार गांव पानी से घिर गए हैं। इनमें परडिया गांव के 30 घर, केवटाही पुरवा, नकहा के 20 घर, निषाद बस्ती के 200 घर, नरायनपुर गांव, छपरा मगर्वी गांव का लगभग 80 घर, कुर्मी टोला व कटहा-भिटहा गांव का 150 घर व मदरहा पुरवा बाढ़ के पानी से घिरे हैं। वहीं भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, मांझा खड़गपुर सहित एक दर्जन गांवों की फसल जलमग्न हो गई हैं। इसके चलते लोगों में पशुओं के चारे के भी संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ प्रभावित गांव के ग्रामीण योगेंद्र निषाद, रामपियारे, इंद्रेश निषाद, झिनकान, बृजभान, बहादुर, लालमन, रामाशीष, वीरेन्द्र, संतराम, पिन्टू, महेन्द्र, कल्लू, अजय सहित तमाम लोगों का कहना है कि वह लोग बहुत दिनों से इस परेशानी को झेलते चलें आ रहे हैं। कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती बर्बाद हो गई है, और पशुओं के चारे के संकट बढ़ जाता है। इस समय जैसे-जैसे सरयू का जलस्तर बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे लोगों के चिंताएं बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि बाढ़ का पानी अगर दो से तीन फुट बढ़ गया तो वह नदी के बंधे को टक्कर मारना शुरू कर देगा।
लगातार बढ़ रहीं जिले की तीनों प्रमुख नदियां : जिले में तीन प्रमुख नदियां है। इनमें सरयू, राप्ती और कुआनो नदियां शामिल हैं। यह तीनों नदियां ही तबाही मचाती हैं। इन तीनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। इस साल यह पहला ऐसा अवसर है कि जब तीनों नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है।