धनघटा/लोहरैया। धनघटा में शनिवार को सरयू का जलस्तर स्थिर रहा। हालांकि दौलतपुर में नदी की कटान की तेज होने से ग्रामीण चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि नदी की कटान से सौ बीघे से अधिक उपजाऊ जमीन नदी में विलीन हो चुकी है। बिड़हरघाट पर शनिवार की शाम गेज में नदी का जलस्तर स्थिर रहा। नदी का जलस्तर 78.950 पर स्थिर है। पिछले दिनों सरयू के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से मांझा क्षेत्र के 32 गांवों में बाढ़ की आशंका बनी हुई थी लेकिन शनिवार की शाम नदी के जलस्तर में वृद्धि रुकने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बिड़हर घाट व तुरकौलिया में अब भी नदी का दबाव बना हुआ है। तुरकौलिया में बाढ़ चौकी से नदी के जलस्तर की निगरानी बढ़ा दी गई है लेकिन पूर्वी छोर पर स्थित दौलतपुर गांव के सिवान में दोबारा नदी की कटान तेज हो गई है। नदी कटान करते हुए उपजाऊ जमीनों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के राम नवल यादव, चंद्रभान यादव, रामजीत, सुरेश, राम बेलास, अवधराज आदि ग्रामीणों ने बताया कि नदी की कटान में खेती योग्य जमीनें नदी की धारा में विलीन हो रही है।
उधर, गायघाट दक्षिणी में नदी का जलस्तर बढ़ता है तो गुनवतिया, चकदहा, सुअरहा, सियर कला, दौलतपुर, ढोल बजा आदि गांव में बाढ़ का पानी घुस जाएगा। इस संबंध में तहसीलदार रामजी ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह रखी जा रही है। अभी क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थित नहीं है। बाढ़ की स्थिति बनते ही संबंधित गांवों में नाव लगा दी जाएंगी। कानूनगो और हल्का लेखपाल को स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।