धनघटा। क्षेत्र में सरयू नदी लाल निशान के करीब पहुंच रही है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। निकटवर्ती आधा दर्जन गांव पानी से घिरने लगे है। ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर भयभीत नजर आने लगे है। लोग अब बाढ़ की आशंका को लेकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। दूसरी तरफ सीजन में पहली बार नदी उच्चतम जलस्तर पर पहुंचने के बावजूद बाढ़ बचाव की तैयारी अभी भी धरातल पर नजर नहीं आ रही है। अगापुर गुलरिया में साधु और राम पलट का मकान पानी से चारों तरफ से घिर गया है। उन्हें घर से निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी रविवार को इस वर्ष के अपने उच्चतम 79.50 सेंटीमीटर पर पहुंच गई है। खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर नदी नीचे रह गई है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। रविवार को बिड़हरघाट पर नदी का जल स्तर 79.005 दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 35 सेमी नीचे है। रविवार को खतरे के निशान की तरफ अग्रसर सरयू नदी का पानी गायघाट के निकट पहुंच चुका है। जलस्तर में इसी प्रकार वृद्धि दर्ज हुई हुई तो अगले 24 घंटों में हैंसर ब्लाॅक के एक दर्जन गांव बाढ़ आपदा की चपेट में होंगे। दूसरी तरफ प्रशासन की बाढ़ बचाव की तैयारियां दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। तटबंधों पर बनी बाढ़ चौकियां सन्नाटे में हैं, वहां कोई भी कर्मी नदी के जलस्तर पर नजर रखने वाला नहीं है। गायघाट निवासी चंद्रभान यादव, रोहित, चंद्रकेश, राम किशुन, सूर्यबली, राम शंकर यादव आदि लोगों ने बताया कि इस बार नदी का रौद्र रूप दिखने लगा है। गायघाट के अलावा ढोलबजा, सियर, दौलतपुर, सियाराम अधीन जैसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लोगों ने बताया कि गायघाट के करीब बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। प्रशासन की तरफ से बाढ़ बचाव की तैयारी न होने से ग्रामीण काफी चिंता में डूबे हुए हैं।
इस संबंध में पूछे जाने पर तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। अभी कोई गांव बाढ़ की चपेट में नहीं आए हैं। तहसील प्रशासन नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।