- धान की खरीदारी के बाद नहीं जमा कराया था शत-प्रतिशत चावल
- सितंबर 2024 में पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक ने दर्ज कराया था केस
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद की पुलिस ने 34 लाख के गबन के आरोपी पीसीएफ के पूर्व प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग को पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने धान की खरीदारी के बाद मिलों को भेजा गया पूरा चावल नहीं जमा कराया था। इससे 34 लाख रुपये की राजकीय क्षति हुई थी। पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस मामले में केस दर्ज कराया था।
समितियों से वर्ष 2023-24 में 29 फरवरी 2024 तक खरीदे गए धान को कुटवाने के लिए राइस मिलों को भेजा गया। इसे 30 अप्रैल 2024 तक कुटवाकर भारतीय खाद्य निगम को भेज देना था। लेकिन तत्कालीन पीसीएफ प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग और गणक मुनेश्वर की ओर से शत-प्रतिशत चावल खाद्य निगम को नहीं भेजा गया। मिलान में 33.42 लाख रुपये का अंतर पाया गया। इसके बाद पीसीएफ बस्ती के क्षेत्रीय प्रबंधक ने इस बात की जानकारी राज्य कार्यालय को दी। इसकी जांच की गई। कई चक्र की जांच के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि 33.42 लाख रुपये के जो चावल पीसीएफ को जमा नहीं हुए, इसके जिम्मेदार उपरोक्त दो लोग ही हैं।
पांच सितंंबर 2024 को पीसीएफ के क्षेत्रीय प्रबंधक बस्ती विजय कुशवाहा ने महेंद्र कुमार गर्ग निवासी कैलाशपुरम, हरुनंगला, बरेली और मुनेश्वर निवासी अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया। इस दौरान महेंद्र कुमार गर्ग सेवानिवृत्त हो चुके थे। उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3 और 7 के तहत गबन और जालसाजी का केस दर्ज किया गया। केस दर्ज होने के बाद वह गोदावरी इस्टेट पीलीभीत में जाकर रहने लगा। पुलिस उनकी तलाश करती रही और 10 माह बाद उपनिरीक्षक ललितकांत यादव, हेड कांस्टेबल गणेश प्रसाद व कांस्टेबल अरविंद तिवारी की टीम ने उन्हें सोमवार को पीलीभीत से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
कोतवाली खलीलाबाद के प्रभारी निरीक्षक पंकज पांडेय ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।