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मंकी पॉक्स : जिले में सतर्कता, बाहर से आने वालों पर नजर

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मंकी पॉक्स : जिले में सतर्कता, बाहर से आने वालों पर नजर
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- जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित किए गए
- आशा कार्यकर्ताओं को विदेश से आने वाले लोगों की सूचना देने का निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विदेश में मंकी पॉक्स के बढ़ते मामले को देखते हुए जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके साथ ही सीएचसी पर सैंपल लेने की व्यवस्था की गई है। आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि उनके क्षेत्र में विदेश से आने वाले लोगों की सूचना दें।
जिला महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली ने बताया कि मंकी पॉक्स को लेकर सरकार ने सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। वैसे जिले में अब तक इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। आशा कार्यकर्ता से कहा गया है कि उनके गांव व क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति विदेश से आता है तो उस पर नजर रखें। अगर उन्हें मंकी पॉक्स जैसा लक्षण दिखता है तो तत्काल सूचना दें। टीम उस व्यक्ति के घर जाएगी और जांच करेगी। इसके साथ ही नमूना लेकर पुणे लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके साथ ही सीएचसी पर भी मरीज का सैंपल लिया जाएगा।
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यह है लक्षण
मंकीपॉक्स के मरीज को सबसे पहले हल्का गंभीर बुखार हो सकता है। बुखार के साथ-साथ संक्रमित को मांसपेशियों में दर्द, जकड़न और कमजोरी महसूस हो सकती है। इसके साथ ही जैसे-जैसे बीमारी बढ़ने लगती है संक्रमित रोगी के लिम्फ नोड्स में सूजन आने लगती है। यही नहीं मरीज को ठंड भी लगने लगता है और थकावट आने लगती है। रोगी के शरीर में पांच दिनों के भीतर शरीर में बड़े-बड़े लाल पीले दाने आने लगते हैं।
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