संतकबीरनगर। साल भर बाद एक बार फिर प्याज ने बगैर कटे लोगों के आंसू निकालने शुरू कर दिए हैं। वजह, कीमत में उछाल है। भाव बढ़ने से बिक्री भी घटी है। होटल, ढाबों पर सलाद से भी प्याज गायब होने लगा है। ढाबों पर सलाद में मूली और खीरा मिल रहा है। इसके साथ ही टमाटर के भाव भी बढ़े हैं।
नवीन मंडी के व्यापारी चैतू प्रसाद ने बताया कि मंडी में करीब सप्ताह भर पूर्व प्याज की कीमत में उछाल शुरू हुआ। पांच-पांच रुपये से बढ़कर आज प्याज बाजार में फुटकर में 80 से 85 रुपये किलो बिक रहा है। थोक कारोबारियों के मुताबिक बीते वर्ष अक्तूबर नवंबर में प्याज के भाव बढ़े थे। क्योंकि बारिश के बाद बाजार में स्थानीय स्तर पर प्याज की उपलब्धता प्रभावित होती है।
दूसरे राज्यों से प्याज मांगने की वजह से कीमत पर असर पड़ता है। बीते वर्ष 80 रुपये प्रतिकिलो तक प्याज बिका था। व्यापारी सतीश के मुताबिक स्थानीय स्तर प्याज की आवक कम होने से बाहरी राज्यों से स्टॉक मंगाया जा रहा है। फिलहाल नासिक का प्याज मंडी में है। चूंकि बीते दिनों बारिश से कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व अन्य प्याज उत्पादक राज्यों में फसलें खराब हुई हैं। इसलिए उपलब्धता सीमित होने के कारण कीमतों पर असर पड़ा है। प्याज के साथ ही टमाटर के भाव भी बढ़ गए है।