संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बेहतर शिक्षा के नाम पर प्राइवेट विद्यालय सारे नियम कानून को दरकिनार कर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। शिक्षण शुल्क में प्रतिवर्ष बढ़ोतरी तो कर ही रहे हैं, साथ ही नामांकन शुल्क भी मनमाने दर पर वसूल रहे हैं। जिससे बच्चे निजी स्कूलों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र धनघटा में दो दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूल संचालित हो रहे हैं। अभिभावक राम अजोर, दयाशंकर, राम नयन, प्रेम नारायण, हीरालाल, मेघनाथ, राधेश्याम आदि का कहना है कि निजी स्कूल वाहन शुल्क, शिक्षण शुल्क तो मनमानी ढंग से वसूल ही रहे हैं। इस विद्यालय में पढ़ने वाला बच्चा जब एक कक्षा से दूसरे में प्रवेश करता है तो उसके नामांकन के लिए 1500 से 2000 अलग से लेते हैं। साथ ही साथ किताब भी प्रति वर्ष बदल देते हैं। जिससे उस किताब से दूसरे सत्र में बच्चे नहीं पढ़ पाते हैं। कुल मिलाकर तीन से 4000 हर माह देना पड़ रहा है। अभिभावकों ने इस पर रोक लगाने की मांग की है।
इस संबंध में बीएसए अमित सिंह ने बताया कि विद्यालय में अगली कक्षा में प्रवेश करने वाले छात्र से नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकता है। ऐसी शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।