सद्गुरु कबीर का 502वां परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम शुरू
- कबीर कथा, कबीर भजन, सत्संग, भंडारे का आयोजन हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर के कबीर चौरा स्थित कबीर समाधि परिसर में सद्गुरु कबीर का 502वां परिनिर्वाण दिवस सोमवार को शुरू हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम की शुरुआत महंत विचासर दास के नेतृत्व में महा बीजक पाठ और कबीर आरती से हुई। इस दौरान कबीर कथा, कबीर भजन, सत्संग, भंडारे का आयोजन किया गया।
महंत विचारदास ने कहा कि यह परंपरागत आयोजन है। कबीर निर्वाण दिवस पर विभिन्न शहरों, प्रांतों से साधु संत, कबीर साहेब के अनुयायी समाधि पर आकर श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं। जब इनका प्रयाण हुआ था उसी तिथि पर निर्वाण दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर महाआरती में भाग लेना श्रद्धालु अपना सौभाग्य समझते हैं। कबीर साहेब के उपदेश हैं। उनमें दुर्गुण को दूर करने सद्गुणों को धारण करने का संकल्प लेते है। साथ ही गुरु दीक्षा भी लेते हैं। यह श्रद्धा पर्व का अवसर होता है। कबीर जीवन भर समाज में फैली बुराईयों, कुरीतियों, बाहरी आडंबरों के खिलाफ लड़ते रहे। अभी बहुत सा संघर्ष बाकी है। उनकी वाणी को ग्रहण कर समाज को स्वच्छ, प्रेमपूर्ण बनाने की जरूरत है। इस अवसर पर पुजारी शांतिदास, महंत कन्हैया दास, संत केशव दास, संत अरविंद दास शास्त्री, रामशरणदास, विनोद दास, मनोज दास, दिनेश दास, अवधेश दास आदि मौजूद रहे।
00000000
कबीर भक्तों ने कबीर भजन का रसपान किया
मगहर। सद्गुरु कबीर के 502वें परिनिर्वाण दिवस पर महंत विचारदास के सानिध्य में कबीर भजन का आयोजन किया गया। कबीर भजन का श्रद्धालुओं ने रसपान किया। कार्यक्रम की शुरुआत गोंडा कबीर मठ के महंत व कबीर भजन गायक कन्हैया दास ने चदरिया झीनी रे झीनी, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, उड़ी चला हंसा अमरलोक को, यहां के लोग सब वीराना बा और मन लागो मेरो यार फकीरी में सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया।