संतकबीरनगर। बेलहर कला थानाक्षेत्र के भेला खर्ग कला गांव में नर कंकाल मिलने के मामले में अभी तक डीएनए सैंपलिंग नहीं हो पाई है। कंकाल मिले 10 दिन हो गया। वहीं की एक महिला ने कंकाल के अपने पति का होने का दावा किया था, जो जुलाई 2024 में गायब हो गया था। इस मामले में भाई, पत्नी व बेटे का डीएनए सैंपल लिया जाएगा। बेलहरकला थाना क्षेत्र के भेलाखर्ग कला गांव में 12 जनवरी को एक नर कंकाल पाया गया। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव निवासी सावित्री देवी कंकाल ने आसपास मिले सामान के आधार पर कंकाल अपने पति रामनरायन का होने का दावा किया। वह जुलाई 2024 से ही से ही लापता थे। पोस्टमार्टम के बाद महिला के दावे की पुष्टि के लिए पुलिस विभाग ने कंकाल का डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया। इसके लिए कंकाल का दावा करने वाली महिला सावित्री उनके पुत्र और लापता रामनरायन के भाई का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाने पर सहमति बनी। पुलिस की मानें तो रामनयन का भाई इस समय अपने घर पर मौजूद नहीं है। अभी तक उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। जिसकी वजह से डीएनए सेंपलिंग नही हो पाई है।
परिवार वालों ने कर दिया अंतिम संस्कार : कंकाल मिलने के बाद सावित्री ने उसके अपने पति का होने का दावा किया था। इस दावे के बाद पुलिस ने कंकाल का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद यह निर्णय लिया गया कि इसकी डीएनए सैंपलिंग होगी। पुलिस ने कंकाल का कुछ हिस्सा काटकर सैंपलिंग के लिए रखवा लिया। बाकी हिस्सा सावित्री को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया। परिवार के लोगों ने भी उस कंकाल का अंतिम संस्कार कर दिया।