तमकुहीराज। जाली नोट, विस्फोटक पदार्थ और नेपाली करेंसी के साथ तमकुहीराज, तरयासुजान व सेवरही थाना क्षेत्र के दस आरोपियों को पुलिस ने दबोचा था। 11वें आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। पांच दिसंबर को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में गैंगस्टर की कार्रवाई की जद में आए आरोपी एक मंच पर नजर आए थे। इसका फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हुआ है। इसमें कुछ आरोपियों की लोकेशन पुलिस को दार्जिलिंग में भी मिली है।
तमकुहीराज पुलिस ने अक्तूबर 2024 में तरयासुजान थाना क्षेत्र के झड़वा निवासी औरंगजेब खान उर्फ लादेन, अगरवा निवासी मुस्तकीम व तमकुहीराज कस्बे के वार्ड नंबर चार निवासी परवेज इलाही को छोड़ आठ आरोपियों तमकुहीराज कस्बे के तरया रोड निवासी रफी खान उर्फ बबलू, रेहान उर्फ सद्दाम, शेख जमालुद्दीन, नियाजुद्दीन उर्फ मुन्ना, नौशाद खान, हासिम खान, तरयासुजान थाना क्षेत्र के झड़वा निवासी सेराज हसमति, सेवरही थाना क्षेत्र के रकबा दुलमापट्टी निवासी मोहम्मद रफी को जिला न्यायालय ने जमानत पर रिहा किया गया। इसके बाद से आरोपियों ने तमकुहीराज और आसपास के इलाकों में सक्रियता से परहेज किया।
कुछ माह तक लखनऊ अन्य शहरों में अपना डेरा जमाए रहने के बाद गैंगस्टर की कार्रवाई की जानकारी के बाद आरोपी भूमिगत हो गए। जमानत के लिए कोर्ट का चक्कर लगा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो इन आरोपियों ने अपनी छवि सुधारने और समाज में सम्मान वापस पाने के लिए लखनऊ में एक सुनियोजित भव्य अवार्ड समारोह आयोजन कराया। इसके लिए कुशीनगर जिले के एक बड़े जमीन के धंधेबाजों ने फंडिंग की थी। इसमें जाली नोट कांड के आरोपी नौशाद की छवि को बेहतर बनाने के लिए रंगमंच से जुड़े कलाकारों को आमंत्रित किया गया।