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अनुशासनहीनता में सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष निलंबित

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अनुशासनहीनता में सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष निलंबित
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23 नवंबर को किए गए धरना-प्रदर्शन में अपमानजनक शब्दों को किया प्रयोग
27 नवंबर को भीड़ लेकर कार्यालय में घुसे और तीन घंटे तक डीपीआरओ को बनाए रखे बंधक
अमर उजाला ब्यूूूूरो
संतकबीरनगर। डीपीआरओ ने सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम को शनिवार को अनुशासनहीनता में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आरोप है कि 23 नवंबर को परमहंस ने धरना प्रदर्शन करके अपमानजक और उत्तेजक शब्दों का प्रयोग किया। जबकि 27 नवंबर को मृतक आश्रितों की नियुक्ति के संबंध में वार्ता करने के नाम पर भीड़ लेकर कार्यालय में घुस गए और तीन घंटे तक डीपीआरओ को बंधक बनाए रखे। हत्या और एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने बताया कि निर्देश है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी धरना, हड़ताल आदि में भाग लेने के उद्देश्य से अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र देता है तो उसे अस्वीकृत कर दिया जाए। अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित होने की अवधि का वेतन न दिया जाए तथा उस अवधि को संबंधित कर्मचारी के सेवा काल में व्यवधान के रूप में पत्रांकित किया जाए। सफाई कर्मचारी परमहंस की ओर से सफाई कर्मचारियों तथा विभिन्न संगठनों के साथ 23 नवंबर को विकास भवन में धरना दिया गया जो कि गंभीर अनुशासनहीनता है। उस धरने में सफाईकर्मी परमहंस के जरिए अपमानजनक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उत्तेजक व भड़काऊ भाषण दिया गया, जो सरकारी सेवक आचरण नियमावली के तहत कार्रवाई की परिधि में आता है। 27 नवंबर को सफाई कर्मी परमहंस के जरिए मृतक आश्रितों की नियुक्ति के लिए वार्ता के नाम पर दूरभाष पर आधे घंटे का समय लिया गया। फिर वह काफी भीड़ के साथ विभिन्न विभागों के कर्मचारियों व पदाधिकारियों के साथ उसके कक्ष में आए और वार्ता की जगह विवाद करने लगे। धमकी दी कि यदि डीपीआरओ नियुक्ति नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ हत्या और एससी/एसटी एक्ट का केस दर्ज करा देंगे। तीन घंटे से अधिक समय तक डीपीआरओ को बंधक बनाए रखा और कहा गया कि जब तक नियुक्ति नहीं करेंगे, तब तक उठने नहीं दिया जाएगा। ऐसा करके शासकीय कार्य को बाधित रखा गया। डीपीआरओ कार्यालय के सृजन से ही कोई लिपिकीय पद सृजित नहीं है और न ही कोई कार्यालय में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी है। शासकीय हित में योग्य सफाई कर्मचारियों से विभिन्न पटलों का कार्य लंबे समय से लिया जा रहा है। सफाई कर्मी परमहंस के जरिए कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को हटाए जाने का बराबर दबाव बनाया जा रहा है। इनके जरिए शासकीय कार्य में गतिरोध उत्पन्न किया जा रहा है। इन्हीं आरोपों में सफाई कर्मी परमहंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबित सफाईकर्मी को बेलहर ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध किया गया। प्रकरण की अंतिम जांच एडीपीआरओ अरुण कुमार को सौंपते हुए निलंबित सफाईकर्मी के खिलाफ आरोपपत्र तैयार करके डीपीआरओ कार्यालय में प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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कर्मचारी हितों की लड़ाई में हुई कार्रवाई से डर नहीं : परमहंस
संतकबीरनगर। सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम ने कहा कि कर्मचारी हितों की लड़ाई में उनके खिलाफ गलत आरोप लगाकर डीपीआरओ ने निलंबन की कार्रवाई की है। 26 नवंबर को ही निदेशक की ओर से मृतक आश्रित की भर्ती किए जाने का आदेश दिया गया है। उसी आदेश का हवाला देकर डीपीआरओ से मिले थे। बंधक बनाने और अपशब्द कहने के आरोप सरासर गलत है। वह ब्लॉकवार सफाईकर्मियों के साथ बैठक करेंगे और फिर अगली रणनीति तय करेंगे। यदि कर्मचारी हितों के लिए बर्खास्तगी की भी कार्रवाई होगी तो भी कोई गम नहीं होगा।
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