बखिरा क्षेत्र के जंगल बेलहर पिपरी में एक रिटायर्ड कर्मी की हत्या के मामले में पुलिस के जरिए गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किए जाने से गांव वालों का गुस्सा भड़क गया।
पोस्टमार्टम होने के बाद लोग शव को गांव ले गए और अंतिम संस्कार नहीं किया। सोमवार को शव को सड़क पर रख कर ग्यारह घंटे तक दुर्गजोत- रुधौली मार्ग को जाम रखा।
बाद में सीओ आर के सिंह मौके पर पहुंचे और हत्या की धारा बढ़ाने और दूसरे थाने से विवेचना कराने का आश्वासन दिया ,तब जाकर जाम समाप्त हुआ।
जंगल बेलहर पिपरी गांव निवासी 63 वर्षीय पीडब्लूडी के रिटायर्ड कर्मचारी की शनिवार की रात कुछ लोगों ने हत्या करके शव को सड़क पर फेंक दिया था।
मृतक के बेटे रामशब्द का आरोप था कि गांव का निवासी संजय उसके घर में बदनीयति से घुस रहा था। जिसे पकड़ लिया गया था। आरोपी युवक के परिजन उसे छुडा ले गए थे। उसी रंजिश के कारण उसके पिता मनिराम की हत्या कर के शव को सड़क पर फेंक दिया था।
पुलिस ने सूचना के बाद भी काफी लापरवाही बरती। रविवार को गांव वालों ने सड़क जाम किया ,तब पुलिस शव को कब्जे में ली और पोस्टमार्टम कराया।
आरोप था कि पुलिस ने एक जनप्रतिनिधि के इशारे पर आरोपी राम आसरे ,उनकी पत्नी रमावती, बेटे संजय, राम उजागिर, भाई रामसेवक, भतीजे हरिलाल के अलावा धर्मेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। जबकि उसके पिता की हत्या हुई है और आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।
पुलिस ने मुकदमें में अल्पीकरण कर दिया है। सोमवार की सुबह पुलिस के खिलाफ जनाक्रोश उभर गया। परिजनों ने गांव वालों की मदद से शव को सड़क पर रख कर जाम लगा दिया। किसी जिम्मेदार अफसर के समय से न पहुंचने से गांव वालों ने बर्फ मंगाकर शव को उसी पर रख दिया।
सूचना पर एसओ शमशेर बहादुर सिंह और एसओ धर्मसिंहवा रामभवन यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस को देखेते ही लोगो का गुस्सा और भड़क गया लोगो ने पुलिस विरोधी नारेबाजी भी की। एसओ से हत्या में केस तब्दील किए जाने की मांग की।
एसओ ने गांव वालों ने समझाने- बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। गांव वाले अपनी मांग पर अड़े रहे। करीब ग्यारह घंटे तक जाम लगा रहा।
बाद में सीओ आर के सिंह मौके पर गए और गांव वालों की मांगों को पूरा करके मंगलवार तक हत्या की धारा बढ़ाने का आश्वासन दिया,तब जाकर जाम हटा। गांव वालो ने यह भी चेतावनी दी कि यदि मांग अधूरी रही तो फिर जाम लगाने को बाध्य होंगे।