भीषण गर्मी में बिजली कटौती दिन भर भूख और प्यास बर्दाश्त कर रहे रोजेदारों के लिए काफी दुखदाई साबित हो रही है। रविवार को हटवा चौराहे पर मौजूद रोजेदार अफतारी के बाद खुशगवार मूड में थे, तो गांव के हाजी युनुस ने बिजली की बेवफाई की चर्चा शुरू कर दी। कहा कि तमाम सरकारी दावों के बावजूद बिजली कटौती जारी है और यह कटौती रोजदारों पर भारी पड़ रही है। हाजी साहब का कहना था कि जिस समय हमें बिजली की सख्त जरुरत होती है, मुफलिस के चिराग की तरह यह दगा दे जाती है। सामने बैठे अफसर हुसैन ने हाजी युनुस की बात से असहमति जताते हुए वर्तमान में बिजली सप्लाई की तारीफ किया।
उन्होंने कहा कि कई वर्षों के बाद इस साल रमजान के महीने में बिजली सप्लाई बेहतर हुई है। रही बात कटौती की तो तार काफी पुराने हो चुके हैं कभी-कभार लोकल फाल्ट हो जाए तो उसे हमें इतना नहीं कोसना चाहिए। साथ में बैठे अहमद जमाल ने चाय की एक चुस्की लिया और अफर की बातों पर चुटकी लेते हुए कहा भई यह चुनावी वर्ष है, लोगों को लुभाने के लिए बिजली की बेहतर सप्लाई होगी ही, अन्यथा लोग घरों से बाहर निकल आएंगे और और सरकार आगामी चुनाव में क्वालिफाइंग मुकाबले से ही बाहर हो सकती है। इसी हंसी ठहाके के बीच ग्राम प्रधानों के जरिए आयोजित होने वाले धरना प्रदर्शन और उसके नतीजे पर गंभीर गुफ्तगू होने लगी। एक ने कहा चुनाव सिर पर हैं, राजनीति में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए कुछ जद्दोजेहद तो करना ही होगा। इशा की अजान ने चर्चा को विराम दिया, लोग मस्जिदों की तरफ नमाज के लिए जाने लगे। हालांकि रोजेदारों की दोस्तों के साथ यह महफिल इशा की नमाज के बाद भी सजती है और देर रात तक एक साथ बैठ कर लोग पूरे दिन के हालात का जायजा लेते हैं और दिलचस्प घटनाओं पर चटखारे लेले कर महौल को खुशगवार बनाने की कोशिश करते हैं।