धनघटा। मनरेगा योजना से कठिनईया नदी की चल रही खुदाई कार्य का डीएम ने नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र में शनिवार को पहुंच कर कई गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्य में मिली खामियों और लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने एक रोजगार सेवक और एक तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिए। कार्य का पर्यवेक्षण करने वाले जिम्मेदारों पर भी नाराजगी जाहिर की।
डीएम डॉक्टर सरोज कुमार ने क्षेत्र के हरदी, छितही, सुबखरी और भिनखिनी खुर्द ग्राम पंचायतों द्वारा मनरेगा योजना के तहत हो रहे कठिनईया नदी के खुदाई कार्य का निरीक्षण किया। सबसे पहले हरदी गांव में पहुंचे डीएम खुदाई कार्य में सुस्ती देखकर भड़क गए। नदी की खुदाई बिना पैमाईश के कराए जाने पर पर काफी नाराज दिखे। जब तकनीकी सहायक से खुदाई की गई नदी की चौड़ाई और गहराई पूछा तब उन्होंने बताया कि एक मीटर गहराई और सात मीटर चौड़ाई में नदी का खुदाई कार्य लगभग पुरा हो गया है। डीएम ने अपने सामने उसकी माप करवाया तो चौड़ाई आठ मीटर और गहराई 70 सेंटीमीटर ही मिला। जिस पर उन्होंने तकनीकी सहायक को सेवा मुक्त करने का निर्देश दिया। वही रोजगार सेवक कालिन्दी देवी द्वारा कार्य शुरू होने की सही तिथि और मजदूरों की वास्तविक संख्या नहीं बता पाने पर प्रभारी बीडीओ को उन्हें भी सेवा मुक्त करने का निर्देश देते हुए ग्राम प्रधान से जल्द ही प्रशासनिक कमेटी की बैठक कर नए रोजगार सेवक के चयन का निर्देश दिया। वहां से ग्राम पंचायत छितही द्वारा सिदाही पुल के पास कराए जा रहे कार्य के निरीक्षण के उपरांत संतोष व्यक्त करते हुए ग्राम पंचायत अधिकारी क्षितिज चौधरी, रोजगार सेवक रामराज, और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहीम को कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सुबखरी में खुदाई कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने प्रधान प्रतिनिधि जितेन्द्र कुमार और पंचायत सचिव इंद्रेश कुमार को कार्य में तेजी लाने के साथ वृक्ष रोपण कराने का भी निर्देश दिये। निरीक्षण के अतिम दौर में डीएम ने ग्राम पंचायत भिनखिनी खुर्द पहुंचे। यहां कुल 24 मजदूरों को कार्य करते देख डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने वाला है। अगर कार्य में तेजी नहीं लाई गई तो कार्य पूर्ण होना संभव नही है। इस लिए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करा लिया जाए। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी को प्रति दिन 60 से 70 मजदूर लगाकर कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इस दौरान डीसी मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव, डीडीओ रमेश चंद्रा, एपीओ ऋषि सिंह, आरईएस जेई एजाजुल हक, अर्जुन यादव, रामअशीष यादव, राजमन यादव, ग्रीशचंद चौधरी, रामजी यादव आदि मौजूद रहे।