संतकबीरनगर। शासन के गड्ढामुक्त सड़कों का फरमान का माखौल उड़ाता जिला मुख्यालय की सड़कें ही दिख जाएंगी। जिले की अन्य सड़कों की तो बात ही दूर है, शहर की ही कई सड़कें ऐसी हो गई हैं, जिनपर जरा सी चूक होते ही राहगीर गड्ढे में फंस जाते हैं। इससे आए दिन राहगीर दुर्घटना के भी शिकार होते रहते हैं। इन सड़कों से होकर आला हाकिम रोज गुजरते हैं। इसके बावजूद इन सड़कों की खस्ताहाल स्थिति को देखने वाला कोई नहीं है। इससे शहरवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बंजरिया पूर्वी से मोतीनगर जाने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। इस सड़क पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। इसी तरह से बैंक चौराहे से विधियानी मार्ग से होकर जाने वाली सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इस सड़क से बाइक सवार और रिक्शा सवार को गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इसी तरह मोती चौराहे से मड़या तक सड़क के बीचोबीच गड्ढे बने हैं जो लोगों के लिए मुसीबत हो गए हैं। बदहाल सड़कों को ठीक कराने की दिशा में प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
शहरवासी ओम नरायन शुक्ला का कहना है कि सड़क बेहद खराब होने से आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। गाड़ियां खराब हो जा रही हैं। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। मुकेश कुमार का कहना है कि शहर की सड़कों पर गड्ढे बने हैं और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। सोनू का कहना है कि शहर की सड़क का हाल तो गांवों से बदतर है। गुजरने में जरा सी चूक हुई तो दुर्घटना तय है। संतलाल का कहना है कि बरसात से पूर्व यदि इन सड़कों को ठीक नहीं कराया गया तो दुर्घटनाओं की संख्या में काफी इजाफा हो सकता है।
नगरपालिका की सीमा में आने वाले जर्जर सड़क की मरम्मत जल्द ही करा दिया जाएगा। इसके अलावा नगर पालिका से बाहर की सड़कों के मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्लूडी की है।
बीना सिंह, ईओ नगर पालिका