रुक-रुक कर हो रही बारिश, कीचड़ से सराबोर हुईं सड़कें
- ठंड के साथ बढ़ी गलन, गेहूं की फसल को फायदा
- तेज हवा चलने से कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में बृहस्पतिवार देर शाम से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। इसके कारण जहां सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गईं, वहीं ठंड और बढ़ गई है।
पिछले कई दिनों से ठंड व गलन से लोग परेशानी झेल रहे थे। इस बीच बृहस्पतिवार की रात में मौसम का मिजाज बदल गया और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो हुई। यह बारिश शुक्रवार को दिनभर रुक-रुक कर होती रही। इससे सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गईं। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। धनघटा-खलीलाबाद मार्ग, मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग पर कीचड़ पसर गया।
खलीलाबाद क्षेत्र के निवासी रामहित प्रसाद, रविंद्र कुमार आदि ने कहा कि बारिश होने से कीचड़ हो गया है, जिससे दिक्कत हो रही है। वहीं बारिश की वजह से पुलिस कार्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए कार्यालय, डीआईओएस कार्यालय समेत अन्य जगहों पर काफी कम लोग दिखे। बारिश से बचने के लिए मेंहदावल बाईपास पुल के नीचे लोगों की भीड़ जुटी रही।
गेहूं के लिए बारिश बनी संजीवनी
बारिश के चलते गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। हालांकि सरसों की फसल को नुकसान होने की संभावना है। कारण यह है कि तेज हवा चलने से सरसों के फूल जहां गिर गए हैं वहीं कई जगह फसल जमींदोज हो गई है। जिन किसानों ने अभी आलू की खुदाई नहीं की है, उनकी फसल को भी थोड़ा नुकसान होने की संभावना है।
बिजली आपूर्ति हुई बाधित
बारिश के बीच तेज हवा चलने कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है। खलीलाबाद दक्षिणी फीडर से जुड़े गड़सरपार, सेमरी, निचौरा, बरईपार, सहसरावमाफी, नहसापार, चकदही, धरैची, दुबौली आदि क्षेत्रों में बृहस्पतिवार रात्रि ही बिजली गुल हो गई है। जिसे ठीक कराने के लिए शुक्रवार की सुबह से ही विद्युत कर्मी जुटे हुए हैं। अधिशाषी अभियंता आरके सिंह ने कहा कि शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
बारिश से अधिकतर किसानों को फायदा होगा। किसानों को गेहूं की सिंचाई से राहत मिल गई है। बारिश हल्की हुई है, इसलिए सरसों फसल को भी नुकसान होने की संभावना कम है। अधिकतर किसानों ने आलू की खुदाई कर ली है, जो किसान अब तक खुदाई नहीं कर पाए हैं, ऐसे किसानों को चाहिए कि आलू की फसल में पानी एकत्र न होने दें।
- पीसी विश्वकर्मा, जिला कृषि अधिकारी