क्षेत्र के रजनौली गांव के प्रधान और उनके सहयोगी को गांव के कुछ लोगो द्वारा जान से मारने की धमकी देने पर कार्रवाई न होने और कोटेदार के मनमानी से तंग आकर गांव के लोग बुधवार को धनघटा थाने पर पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिए। जहां सीओ के समझाने और कार्रवाई के बाद गांव वाले मान गए। उसके बाद तहसील पहुंचकर कोटेदार के विरोध में प्रदर्शन किया।
ग्राम प्रधान राम मिलन यादव के साथ थाने पर पहुंचे घनश्याम, रवि, रामानंद, बीरेन्द्र, हरीशचंद्र, जगदीश, रामसिंह आदि का आरोप था कि कोटेदार के मनमानी से तंग आकर गांव के लोग दो माह से तहसील पर कोटेदार पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दे रहे है। तहसील प्रशासन कार्रवाई तो नही कर रहा है उल्टे कोटेदार और उसके समर्थक प्रधान तथा उनके सहयोगी को मारने पीटने की धमकी दे रहे है। जिसके संबंध में थाने पर प्रार्थना पत्र दिया जा चुका है। पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नही की। प्रधान तथा उनके सहयोगी की सुरक्षा की मांग को लेकर गांव के लोग पहले एसडीएम से मिले । एसडीएम ने तत्काल एसओ से बात करके गांव के लोगो को थाने पर भेजा। थाने पर पहुंच कर गांव के लोग जब केस दर्ज किए जाने की मांग करते हुए शोर श्मचाए तो पुलिस सख्त हो गई और कार्रवाई का आश्वासन देते हुए गांव के लोगों को वापस किया। तहसील पर पहुंचकर ग्रामीण उग्र होकर प्रदर्शन किए। जहां नायब तहसीलदार आर के पांडेय ने गांव वालों का बयान दर्ज किया। प्रधान का आरोप था कि उनके गांव का कोटेदार अब तक गरीबों के हक पर डाका डाल रहा था, लेकिन अब जनता की आवाज को दबाने के लिए गांव में अशांति पैदा कर रहा है। यदि प्रशासन इसे गंभीरता से नही लिया तो कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है। एसओ एम पी चतुर्वेदी ने बताया कि तहरीर मिली है। कार्रवाई भी की जा रही है। गांव का माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।