रमजान को लेकर अंसार टोले के पास लगी खजूर की दुकान।
सेमरियावां। रमजान करीब आते ही महंगाई ने एक बार फिर से जोर मारा है। रमजान से पहले ही फलों के दाम में उछाल आ गई है। बाजार में फलों के दाम करीब डेढ़ गुना तक बढ़ गए हैं। रमजान दो मार्च से शुरुआत होने की उम्मीद है। मेवाओं की बात करें तो 200 रुपये किलो तक की तेजी आई है। वहीं फल भी इसमें पीछे नहीं है। फलों पर भी 50 रुपये किलो तक की तेजी दर्ज की गई है। इसके अलावा इफ्तारी में खाए जाने वाली कचरी, चिप्स पापड़ के दाम भी 5 से 10 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। कारोबारियों की मानें तो रमजान और होली करीब आते-आते अभी महंगाई और भी बढ़ने की संभावना है। रमजान में अधिक खपत वाले मेवों की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट के दामों में 50 से 200 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
व्यापारियों के अनुसार, थोक बाजारों में भी इनकी कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे खुदरा बाजार में भी असर पड़ रहा है। रमजान में सहरी और इफ्तार के दौरान इस्तेमाल होने वाले कचरी, चिप्स और पापड़ की कीमतों में भी 5 से 10 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
चीनी मसाले जैसी जरूरी चीजों के दाम भी धीरे-धीरे ऊपर जा रहे हैं। जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है। सेमरियावां चौराहा पर फल बिक्री कर रहे मारूफ अहमद का कहना है कि रमजान शुरू होते देख फल महंगे हो गए हैं। अभी और दाम बढ़ने की उम्मीद है।
रमजान की दो मार्च से शुरुआत होने की उम्मीद है। इससे फलों पर महंगाई छा गई है। अब तक 100 रुपये प्रति किलो बिकने वाला अंगूर फुटकर बाजार में 120 से 140 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। सबसे ज्यादा महंगाई तो सेब पर है, जो फुटकर में 150 रुपये प्रति किलो से लेकर 250 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। पपीता भी 40 से 50 रुपये किलो बिका रहा है। वहीं, किन्नू 50 रुपये प्रति किलो तो संतरा 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।
वहीं, काले अंगूर तो 160 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बाहर से आने वाला तरबूज भी 25 से 30 रुपये प्रति बिक्री किया जा रहा है। रोजे के दौरान फलों की मांग काफी अधिक रहती है। इस बार कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है।
सेब, केला, खजूर, तरबूज, पपीता के दाम 20 से 50 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं। विक्रेताओं का कहना है कि मांग बढ़ने के साथ ही कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।