बखिरा क्षेत्र के जंगल बेलहर पिपरी में शनिवार देर रात को पीडब्लूडी के रिटायर्ड चतुर्थ श्रेणी कर्मी की हत्या कर शव को सड़क के किनारे फेंक दिया।
रविवार को घटना से नाराज लोगों ने दुर्गजोत- रुधौली मार्ग को गांव के सामने जाम कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एक दंपति समेत सात लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया।
मृतक के बेटे का आरोप था कि गांव का ही एक युवक उनके घर में बदनियती से घुस रहा था। उसको रोकने पर ही युवक और उसके परिवार ने पिता की हत्या की है।
जंगल बेलहर पिपरी गांव निवासी रामशब्द का आरोप था कि उसके 63 वर्षीय पिता मनिराम पीडब्लूडी के रिटायर्ड चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे।
आरोप था कि शनिवार की रात में गांव का रहने वाला संजय उनके घर में बदनीयती से घुस रहा था। जिसे पकड़ लिया गया था।
बाद में संजय के पिता राम आसरे अपने लोगों के साथ उसके घर पर चढ़ आए और उसे छुड़ा ले गए। शोर सुन कर उसके पिता मनिराम खंगले से घर लौट रहे थे।
उसी बीच राम आसरे अपनी पत्नी रमावती और बेटे संजय, राम उजागिर, भाई रामसेवक, भतीजे हरिलाल के अलावा धर्मेंद्र के साथ अपने दरवाजे पर गोलबंद थे।
उसे और पिता को देखते ही लोग हमलावर हो गए। उसने बताया िक वह किसी तरह अपनी जान बचा कर किसी तरह भाग निकला, लेकिन पिता को आराेपी लोग पकड़ कर अपने घर उठा ले गए। रामशब्द का आरोप है कि उन लोगों ने घर में जाकर उसके पिता की हत्या कर दी और मामले को हादसा बनाने के लिए शव को सड़क के किनारे फेंक दिया।
एसओ शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि रामशब्द की तहरीर के आधार पर राम आसरे, उनकी पत्नी रमावती, बेटे संजय, रामउजागिर, भाई रामसेवक, भतीजे हरिलाल के अलावा धर्मेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।