राज्य सूचना विज्ञान केंद्र ने कक्षा नौ से 12 तक के लगभग नौ हजार विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति आवेदन में लगे प्रमाण पत्रों को संदिग्ध करार दिया है।
इसके साथ ही केंद्र ने छात्रों की सूची को डीआईओएस कार्यालय को वापस भेज दिया है। जिसको लेकर संबंधित विद्यालयों में हड़कंप मचा हुआ है।
शासन से कक्षा नौ, 10, 11 और 12 में अध्ययनरत समस्त वर्ग के छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। छात्रों को विद्यालयों के माध्यम से आॅनलाइन छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करना होता है।
जिसमें छात्रों को आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि लगाना होता है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार राज्य सूचना विज्ञान केंद्र लखनऊ द्वारा जनपद के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं के जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, माध्यमिक शिक्षा परिषद के डाटा से मिलान कराए जाने पर संदेहास्पद मिला है। जिसको लेकर विज्ञान केंद्र ने सूची को वापस करते हुए आख्या मांगी है। जनपद के कक्षा नौ से लेकर12 तक के लगभग नौ हजार छात्रों के छात्रवृत्ति आवेदन पत्र में लगे डाटा संदिग्घ मिले है। छात्रवृत्ति आवेदन में लगे प्रमाणपत्र संदिग्ध मिलने पर छात्रों के संबधित विद्यालयों में हड़कंप मचा है।