संतकबीरनगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 450 दिन पूरे होने पर शुक्रवार को बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निजीकरण वापसी तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी चंद्र केश मौर्य ने कहा कि पिछले 450 दिनों से बिजली कर्मचारी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चला रहे हैं। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन कर्मचारियों के विरुद्ध मनमाने ढंग से उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहा है। जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। उन्होंने कहा कि निजीकरण की वापसी के साथ आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं और किसानों को साथ लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आंदोलन के बावजूद बिजली कर्मी किसानों और आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर कर रहे हैं, ताकि बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो। संघर्ष समिति के पदाधिकारी धीरेंद्र यादव ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में जिला संयोजक इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।