इज्जत की खातिर अपनों ने किशोरी को उतारा मौत के घाट
रस्सी से गला कस कर की हत्या, शव को बाइक से ले जाकर गेहूं के खेत में फेंका
किशोरी के प्रेमी को फंसाने की रची थी साजिश
हत्यारोपी भाई-मां समेत चार लोग गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मसिंहवा/संतकबीरनगर। इज्जत की खातिर पुनया की किशोरी की हत्या उसके भाई-मां ने गांव के दो अन्य लोगों की मदद से मिलकर रस्सी से गला घोंटकर की थी। आरोपी भाई ने पट्टीदारी के बड़े पिता के सहयोग से बाइक से शव को ले जाकर सेवाइचपार के सीवान में गेहूं के खेत में रख दिया था। रविवार को पुलिस ने हत्या में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके पूछताछ की तो घटना का पर्दाफाश हुआ।
सीओ रामप्रकाश ने बताया कि धर्मसिंहवा क्षेत्र के पुनया गांव निवासी 17 वर्षीय सुशीला पुत्री रामनाथ का शव 25 मार्च को सेवाइचपार गांव के सीवान में गेहूं के खेत में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की हत्या रस्सी से गला कस कर किए जाने की बात सामने आई। रिपोर्ट में शव मिलने से दो दिन पूर्व ही किशोरी की मौत हो गई थी। चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही थी। विवेचना से पता चला कि किशोरी का गांव के ही एक युवक से संबंध था। किशोरी अपने प्रेमी से फोन पर बातचीत करती थी। इस बात की जानकारी होने पर परिजन नाराज थे और किशोरी को समझाने-बुझाने के साथ डॉट फटकार लगाते थे, लेकिन किशोरी अपनी आदत से बाज नहीं आ रही थी। 22 मार्च को दिन में किशोरी घर से निकल गई और प्रेमी के साथ भागने की फिराक में थी। परिजनों ने प्रेमी पर दबाव बनाया तो उसने सहयोग किया और तीन घंटे के भीतर ही किशोरी परिजनों को मिल गई। तभी से किशोरी अपने घर पर थी। 23/24 मार्च की रात किशोरी अपने प्रेमी के साथ रहने की बात करते हुए कमरे का दरवाजा बंद कर ली और आत्महत्या करके परिजनों को फंसाने की धमकी देने लगी। परिजनों ने किसी तरह मनुहार करके दरवाजा खुलवाया तो किशोरी पत्र लिखते मिली। किशोरी के भाई राजेंद्र ने पत्र को छीन लिया और उसे पढ़कर आग बबूला हो गया। भाई राजेंद्र और मां विंद्रावती, पट्टीदारी के बडे़ पिता रामप्रीत और बड़ी मां संजू ने रस्सी से गला कसकर सुशीला की हत्या कर दी। आरोपी रामप्रीत ने खुद की बाइक चलाई और भाई राजेंद्र शव लेकर बैठा। लोग सेवाईचपार सीवान में ले जाकर शव को गेहूं के खेत में फेेंक दिए। आरोपियों ने इज्जत की खातिर किशोरी की हत्या करके उसके प्रेमी को फंसाने की साजिश रची थी। पूछताछ में पकड़े गए चारों आरोपियों ने हत्या की यही कहानी बताई। आरोपियों की गिरफ्तारी में एसओ विनय कुमार पाठक, एसआई संतोष कुमार यादव, बब्बन प्रसाद, अनिल कुमार राय और सहयोगी पुलिस कर्मी लक्ष्मीकांत तिवारी, मोहन प्रसाद चौधरी, सादिक अली, ललिता तिवारी, मधुसूदन भारती, धर्मेद्र यादव, मनीष कुमार बर्नवाल का सहयोग रहा।
आरोपी भाई के पॉकेट से मिली अधूरी चिट्ठी से खुली घटना
पुलिस ने आरोपी भाई राजेंद्र के पॉकेट से किशोरी के जरिए लिखी अधूरी चिट्ठी बरामद की। उस चिट्ठी में किशोरी के जरिए लिखी बातों को पढ़ कर भाई क्रोध में आ गया और फिर मां और दो अन्य के साथ मिलकर बहन की हत्या कर दी। आरोपी भाई चिट्ठी को नष्ट करना भूल गया और पुलिस के हाथ चिट्ठी लगी। उसी से घटना का पर्दाफाश करने में पुलिस को मदद मिली।