संवाद न्यूज एजेंसी
महुली। थाना क्षेत्र के नाथनगर में स्थित गांधी आश्रम की बारिश में क्षतिग्रस्त हुई बाउंड्री का शुक्रवार को महिलाओं के विरोध और पुलिस बल की मौजूदगी के बीच निर्माण शुरू हुआ। एसडीएम धनघटा और थानाध्यक्ष महुली ने आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। बाद में मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक ने भी विरोध कर रही महिलाओं को समझाया।
नाथनगर कस्बे में स्थित गांधी आश्रम की भूमि का रकबा लगभग 39 बिस्वा क्षेत्रफल में फैला है। उक्त गांधी आश्रम के पश्चिमी किनारे की दशकों बाउंड्रीवॉल बनी थी। बताया जाता है कि कुछ महीनों पूर्व बारिश में वह ढह गई। गांधी आश्रम के संचालकों ने जब उसकी मरम्मत का प्रयास किया तो पड़ोस में स्थित ग्रामीणों ने यह कहते हुए निर्माण कार्य का विरोध शुरू कर दिया कि उक्त बाउंड्री के भीतर उनका नंबर है। शुक्रवार को डीएम आलोक कुमार के निर्देश पर एसडीएम धनघटा रविकांत चौबे और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हल्का लेखपाल से जमीन की नवैयत जाना। हल्का लेखपाल के अनुसार गांधी आश्रम की 39 बिस्वा भूमि महुली नाथनगर मार्ग के पूरब तरफ स्थित है जबकि अपनी जमीन होने का दावा करने वाले हर्ष चंद्र चौहान और जनार्दन आदि की सवा दो बिस्वा भूमि का नंबर सड़क के पश्चिम दिशा में है। हरिश्चंद्र आदि ने आरोप लगाया कि इसके पहले जब जमीन की माप की गई थी तो लेखपाल ने बताया था कि उनकी जमीन गांधी आश्रम की बाउंड्री के भीतर है। इसी बात को लेकर इनके परिवार की महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
हालांकि कि बाद में एसडीएम और थानाध्यक्ष के समझाने के बाद मामला शांत हुआ और बाउंड्री निर्माण का कार्य शुरू हुआ। निर्माण कार्य पूरा होने तक दोनों अधिकारी कार्य स्थल पर जमे रहे। बाद में मौके पर पहुंचे स्थानीय विधायक गणेश चौहान ने भी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
इस दौरान चौकी प्रभारी मुखलिसपुर जयहिंद भारती सहित तमाम पुलिस कर्मी मौजूद रहे।