- 22 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को मिलेगा लाभ
- संचालन के लिए छात्र पुस्तकालय काउंसिल का होगा गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। छात्र-छात्राओं में खुद से पढ़ने की प्रवृत्ति को विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पुस्तकालय की स्थापना की गई है। इस पुस्तकालय में रीडिंग कॉर्नर बनाने पर जोर दिया गया है। जिससे छात्र-छात्राओं को ज्ञानवर्धक पुस्तकें उपलब्ध कराई जा सके। रीडिंग कॉर्नर के संचालन के लिए छात्र पुस्तकालय काउंसिल का गठन किया जाएगा। जो इन गतिविधियों में सहयोग प्रदान करेगा। जिले के 22 राजकीय विद्यालयों को इसका लाभ मिलेगा।
राज्य परियोजना निदेशक कंचन वर्मा ने निर्देश पत्र डीआईओएस को भेजा है। पत्र में कहा गया है कि पुस्तकालय विद्यालय का एक महत्वपूर्ण अंग है। इसमें उपलब्ध सुविधाएं छात्र-छात्राओं के पढ़ने और समझने में सहयोग प्रदान करेंगी। साथ ही बच्चों की मौखिक और लिखित भाराणा सुदृढ़ होगी। समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना व बजट में जिले को प्रदान की गई है। पुस्तकालय पर इसलिए विशेष ध्यान दिया गया है कि छात्र-छात्राएं स्वयं वहां जाकर अध्ययन करें और ज्ञान को बढ़ाए। इससे छात्रों में स्वाध्याय की आदतों का विकास होगा और उनको विभिन्न प्रकार की पुस्तकों के अध्ययन का अवसर मिलेगा।
बताया कि पुस्तकालय प्रतिदिन विद्यालय के खुलने की अवधि में ही खुलेंगे। पुस्तकालय की व्यवस्था होने से छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विद्यालय के सभी अध्यापक भी उसमें अध्ययन कर ज्ञान में वृद्धि कर सकेंगे। उनके खाली घंटे का सदुपयोग भी हो सकेगा। जो पुस्तकें दुर्लभ हैं, उन्हे भी पढ़ने का अवसर पुस्तकालय में छात्रों को मिलेगा। दिव्यांग विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए विशेष सुविधा या व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
इस संबंध में डीआईओएस ओम प्रकाश मिश्र ने बताया कि राजकीय विद्यालयों को रीडिंग कार्नर बनाने को कहा गया है। जिससे कि वहां ज्ञानवर्धक पुस्तकें रखी जा सकें।