संतकबीरनगर। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी में रविवार की शाम से सोमवार की सुबह तक आठ सेंटीमीटर इजाफा दर्ज किया गया। लेकिन अचानक हुए उछाल के बाद अब नदी स्थिर हो गई है। नदी खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर है। ड्रेनेज खंड के अधिकारी तटबंध की निगरानी में लगे है। वहीं सरयू का जल स्तर दो मीटर नीचे आने से तटबंध और नदी के बीच बसे 32 गांवों के लोगों ने राहत महसूस की है।
मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। रविवार की सुबह आठ बजे जलस्तर 79.80 मीटर मापा गया था। शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 79.80 मीटर पर स्थिर रहा। सोमवार की सुबह नदी का जल स्तर 79.88 मीटर पर रहा। शाम तक नदी का जल स्तर 79.88 पर बना रहा। ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारियों का दावा है कि सोमवार को सुबह आठ बजे के बाद जलस्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई। फिर भी विभागीय अधिकारी तटबंध पर जमे हुए हैं और तटबंध तथा जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं। आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य भी कराई जा रहे हैं। सहायक अभियंता राम उजागिर लाल ने बताया कि राप्ती का जलस्तर मेंहदावल क्षेत्र में स्थित हो गया है। 24 घंटे बाद जल स्तर में गिरावट आनी शुरू हो जाएगी। जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पर इसका कोई प्रभाव नहीं है आवश्यकता अनुसार बाढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
जल स्तर घटने से ग्रामीणों को मिली राहत
सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट है। सोमवार की शाम नदी का पानी घट कर 78.400 मीटर पर पहुंच गया। जिससे तटबंध और नदी के बीच बसे 32 गांव के लोगों को राहत मिली है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। रविवार से जलस्तर में गिरावट आई तो सोमवार को जल स्तर 78.400 मीटर तक पहुंच गया। खतरे के निशान से 79.400 से नदी काफी नीचे बहने लगी है। नदी का जलस्तर घटने से गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा, दौलतपुर, सियाराम अधीन, सियर कला, नारायनपुर, मदरहा, आगापुर गुलरिहा, पटौवा टोला गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। नारायनपुर निवासी चंद्रेश, विमल, राजू ने बताया कि नदी का पानी काफी नीचे है। इससे राहत मिली है, लेकिन गांव की तरफ आने वाली सड़कों पर मिट्टी फैल गई है, जिससे समस्या हो रही है।