संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को बहलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी को 11 वर्ष सश्रम कारावास और भाई और पिता को पांच-पांच और मां को तीन वर्ष की सजा सुनाई है।
थाना महुली अंतर्गत ग्राम निवासी पीड़ित पिता ने 30 मई 2015 को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर उसकी 15 वर्ष की बेटी को बहलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाकर शिकायत पत्र सौंपा था। विवेचक ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र आरोपी व उसके पिता, भाई, माता तथा एक अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट में आरोपियों ने आरोप से इन्कार किया और विचरण की मांग की।
अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए वादी मुकदमा सहित सात गवाहों की गवाही तथा 10 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने मामले में दोषी पाए जाने पर गोविंद को पॉक्सो एक्ट मे 11 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही बीस हजार रुपया अर्थ दंड से दंडित किया है।
साथ ही दोषी के पिता काशी प्रसाद व भाई सुरेमन निषाद को अपहरण में सहयोग करने के मामले में दोषी पाए जाने पर पांच-पांच वर्ष सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार रुपया अर्थ दंड और माता रमावती को तीन वर्ष सश्रम कारावास व चार हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किए।