लोहरैया। धनघटा क्षेत्र के लोहरैया में सड़क हादसे में हुई सास और बहू की मौत के बाद आक्रोशित लोगों ने मंगलवार सुबह छह बजे लोहरैया में जाम लगा दिया। जाम के बाद कई थानों की पुलिस के साथ ही साथ आला अधिकारी भी पहुंच गए। वहां मौजूद लोगों से बात की।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया, तब जाकर साढ़े तीन घंटे बाद जाम खत्म कराया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा में दोनों शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। धनघटा क्षेत्र के रामजानकी मार्ग स्थित मिश्रौलिया निवासी उषा और उनकी दो बहुओं को स्कॉर्पियो ने रविवार की सुबह कुचल दिया था। इस घटना में उषा की मौत हो गई, जबकि उनकी दोनों बहुएं मीना और माधुरी बुरी तरह से घायल हो गई थी। रविवार की देर रात मीना की भी लखनऊ में मौत हो गई। इस घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
परिजनों ने कहा कि जब दोनों शव आ जाएंगे, तब जाकर उनका एक साथ ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। मंगलवार की सुबह 6 बजे अचानक ग्रामीणों ने दोनों शव को लाकर रामजानकी मार्ग पर रख दिया और मार्ग जाम कर दिया। इस बात की जानकारी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रशासन को दी। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, सीओ और अन्य प्रशासनिक अमला पहुंचा, लेकिन लोग जाम हटाने को तैयार नहीं थे।
सुबह करीब 9 बजे नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के चेयरमैन प्रतिनिधि नीलमणि मौके पर पहुंचे। उन्होंने उषा के पुत्रों मुकेश और उमेश को 50 हजार की तात्कालिक मदद दी। साथ ही एक बेटे को सफाईकर्मी बनाने का आश्वासन दिया। इस घोषणा के बाद एसडीएम ने उषा के पुत्रों को आवास के साथ ही साथ पट्टे पर जमीन देने का भी वादा किया। इन आश्वासन के बाद लोगों ने मौके से करीब 9.30 बजे जाम हटाया। जाम हटाने के बाद यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी। वहीं पूरी सुरक्षा के बीच दोनों शवों को सरयू के तट पर अंतिम संस्कार करवा दिया गया।
परिवार में टूटा विपत्ति का पहाड़
शमसान घाट पर लोग यही कहते सुने गए की भगवान ने इस परिवार पर विपत्ति का पहाड़ डाल दिया। छह माह पहले जहां मुकेश और उमेश के पिता लालमोहर की मौत सड़क हादसे में हो गई थी, वहीं अब माता उषा देवी और पत्नी मीना देवी की जान सड़क हादसे में चली गई। मीना के दोनों बच्चों के सिर से जहां मां के आंचल का छाया हट गया। वहीं मुकेश और उमेश के मां-बाप को छह माह के अंदर सड़क हादसे ने छीन लिया, जबकि छोटी बहू माधुरी इस समय मेडिकल कालेज में मौत से जूझ रही है।