धर्मसिंहवा। बौरव्यास में चल रहे श्री राम महायज्ञ में सातवें दिन मंगलवार को कथा व्यास हेमंत तिवारी ने कहा कि मानव चरित्र के निर्माण का ग्रंथ रामचरितमानस है। रामचरितमानस जो अनुसरण करेगा वह अपना जीवन सफल कर लेगा।
बौरव्यास में चल रहे श्री राम महायज्ञ में मंगलवार को कथा व्यास हेमंत तिवारी ने कहा कि रामचरितमानस का रहस्य इसके नाम, संरचना इसके गहरे अर्थों में छिपा हुआ है। यह शिव के मन(मानस) में रची हुई कथा है। इसमें मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र के माध्यम से जीवन के हर पहलू के आदर्श और व्यावहारिक दर्शन को समझाया गया है। जो आज भी प्रासंगिक है। इसके गूढ़ अर्थों में गायत्री मंत्र का निर्माण विभिन्न पात्रों के दिव्य दर्शन स्वरूप व तुलसीदास के लोक कल्याण की भावना भी शामिल है। यज्ञ में रात्रि के समय रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस अवसर पर नारद मुनि पांडेय, बृहस्पति पांडेय, राम शुभग दूबे, जनार्दन राय, देवी दत्त राय, हरिराम राय, रामदेव वर्मा, हीरा राव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।