वक्ताओं के ओजस्वी भाषण को सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते थे
अयोध्या ले जाने की जगह बस्ती जेल में कर दिया बंद
फोटो है
इंद्रेश यादव
संतकबीरनगर। अयोध्या में रामजन्म भूमि आंदोलन चरम पर था। धनघटा के लोग पूर्व मंत्री श्रीराम चौहान के नेतृत्व में अयोध्या के कूच किए, लेकिन रास्ते में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद जेल में डाल दिया गया। जेल में ही शाखा लगती थी और वहीं वक्ता भाषण देते थे। इसमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग शामिल होता था। लोग आज भी उस मंजर को याद करते हैं।
बच्चा बच्चा राम का, जन्मभूमि के काम का हरेवा गांव निवासी बिंदु मिश्रा बताते हैं कि वर्ष 1990 में राम जन्म भूमि मंदिर आंदोलन आगे की ओर बढ़ रहा था। कोई अयोध्या न जाने पाए, इसके लिए पुलिस चिह्नित लोगों के घरों पर रोजाना दबिश दे रही थी।
एक दिन रात में सरस्वती शिशु मंदिर धनघटा के प्रांगण विधायक श्रीराम चौहान ने बैठक बुलाई। जहां अयोध्या पहुंचने के लिए रणनीति तैयार की गई। रणनीति के तहत सुबह सबको धनघटा से होकर अयोध्या के लिए जाना था। निर्धारित समय सीमा के भीतर लोग पहुंच भी गए। इसकी भनक लगते ही बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने और लोगों को बस में बैठाकर बस्ती भेज दिया। जहां अस्थायी रूप से बनाई गई जेल में 12 दिन का समय गुजार दिया गया।
भाजपा नेता रामजी यादव का कहना है कि राम मंदिर निर्माण को लेकर इतनी दीवानगी थी कि अयोध्या पहुंचने के लिए मन इतना उतावला था कि रात-रात भर नींद नहीं आती थी। धनघटा पहुंचने पर पुलिस के लोग जब बस में सवार कर लिए तो पता चला कि अयोध्या की जगह हम लोग बस्ती भेजे जा रहे हैं। तो मन में आया कि बस से कूद पड़ें। लेकिन साथियों के समझाने के बाद रुक जाना पड़ा।
राम मंदिर निर्माण आंदोलन में सहभागी बनने वाले रामसरिक बताते हैं कि उस समय बाबरी ढांचा विध्वंस करने के लिए हर युवा संकल्पित था। अस्थायी रूप से बनाई गई जेल में सुबह जब शाखा लगती थी तो वक्ताओं के ओजस्वी भाषण को सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते थे।
बताया कि सबके मन में बस एक ही इच्छा थी कि बाबरी ढांचा का विध्वंस कर दिया जाए और राम जन्मभूमि पर प्रभु श्री राम जी के भव्य मंदिर का निर्माण हो। करोड़ों हिंदुओं का सपना आज साकार हो रहा है। संवाद