- डुहिया के पास मिट्टी न मिलने के कारण ठप पड़ा एप्रोच का कार्य
- सिरसी के पास प्रस्तावित टोल प्लाजा के चलते सड़क का निर्माण रुका
धनघटा। मई 2024 तक पूरा होने वाले राम जानकी मार्ग का निर्माण कार्य अब भी अधूरा पड़ा है। हैंसर बाजार में मुआवजे का पेच फंसने के कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है तो डुहिया के पास मिट्टी न मिलने से एप्रोच का कार्य ठप है। इसी तरह पुलिया का निर्माण भी अधूरा है। सिरसी के पास प्रस्तावित टोल प्लाजा की वजह से सड़क का कार्य नहीं हो रहा है।
राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य नवंबर 2022 में शुरू हुआ। लंबे समय तक किसानों को मुआवजा न मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। बाद में किसी तरह किसान राजी हुए तो रामपुर बारहकोनी से बसवारी गांव तक सड़क बनने लगी। रामपुर बारहकोनी से धनघटा तक 15 किलोमीटर सड़क का निर्माण अक्तूबर 2024 तक पूरा हुआ। धनघटा से निर्माण कार्य शुरू हुआ तो चार किलोमीटर आगे भंडा के पास किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर निर्माण कार्य को रोक दिया।
काफी दिनों तक निर्माण कार्य रुका रहा। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद निर्माण का कार्य शुरू हुआ। यहां अब भी पुलिया का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। हैंसर बाजार में मुआवजे का पेच फंस गया है। व्यापारी अपनी परिसंपत्तियां और जमीन के मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसका हल अब तक नहीं निकल पाया। हैंसर बाजार से पूरब सिरसी के पास टोल प्लाजा प्रस्तावित है। इस कारण यहां पर करीब दो किलोमीटर सड़क को तोड़कर छोड़ दिया गया है।
इसके अलावा डुहिया के पास केवनइया नाला पर पुल का निर्माण तो हो गया। लेकिन, मिट्टी न मिलने के कारण एप्रोच का काम नहीं हो पा रहा है। यही हाल बसवारी गांव के पास भी है। यहां भी तीन किलोमीटर सड़क को तोड़कर छोड़ दिया गया है। हालांकि, कार्यदायी संस्था सड़क के निर्माण का कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण होने का दावा कर रही है। जबकि, हकीकत यह है कि अब भी 35 प्रतिशत से अधिक कार्य अधूरा पड़ा है।
राम जानकी मार्ग का निर्माण कार्य 95 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। सिरसी के पास टोल प्लाजा प्रस्तावित है। इसके चलते सड़क का निर्माण कार्य ठप है। मिट्टी न मिलने से डुहिया पुल का एप्रोच नहीं बन पा रहा है। अब तक 50 करोड़ से अधिक का मुआवजा वितरित किया जा चुका है। शेष 10 करोड़ रुपये भी जल्द वितरित कर दिए जाएंगे।
- अमित कुमार तिवारी, कंसल्टेंट, एनएचएआई बस्ती