जलनिकासी की व्यवस्था ठीक न होने से लोगों को झेलनी पड़ रही सांसत, सुंदर नगर, मड़या, बगहिया आदि मोहल्लों में भरा है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश सोमवार की सुबह बंद हो गई, इससे लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन शहरवासी अब भी जलभराव और कीचड़ की समस्या से जूझ रहे हैं। जलनिकासी की व्यवस्था ठीक न होने से जगह-जगह पानी जमा होने से संक्रामक बीमारियों का भी खतरा उत्पन्न हो गया है।
पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर झमाझम बारिश हुई। यह बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद साबित हुई, लेकिन बारिश के कारण शहरवासियाें की समस्या बढ़ गई। कारण यह है कि जलनिकासी की मुकम्मल व्यवस्था न होने से शहर में जगह-जगह जलभराव है। रविवार की सुबह से ही बारिश पूरी तरह से थम गई है, इसके बाद भी कई मोहल्लों में पानी की निकासी नहीं हो सकी है।
हालात ये हैं कि बड़गो में मुख्य सड़क पर ही जलभराव बना हुआ है। वहीं सुंदर नगर, मड़या, बगहिया, विधियानी आदि मोहल्लों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा अंसार टोला, बरई टोला, आजाद चौक के पास, बंजरिया मार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सड़क की पटरियों पर कहीं जलभराव है तो कहीं कीचड़ है। जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गोरखल में एक स्कूल के सामने सड़क पर घुटने भर पानी लगा हुआ है। यहां के निवासी विकास अग्रहरि, सर्वादानंद पांडेय, विजय कुमार ओझा, ब्रजभूषण यादव, प्रकाश यादव, श्रीराम जायसवाल आदि ने जल्द से जल्द जलनिकासी की मांग की है।
संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
शहर के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव बने रहने से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। कारण यह है कि जलनिकासी न होने से दुर्गंध उठ रही है। वैसे भी यह सीजन संक्रामक बीमारियों के लिए संवेदनशील है। शहर निवासी राजू गुप्ता, महेंद्र कुमार आदि ने कहा कि अगर पालिका प्रशासन ने समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की तो संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। वहीं महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुबारक अली ने कहा कि इस समय डेंगू, मस्तिष्क ज्वर, डायरिया आदि की संभावना बनी हुई है। ऐसे में जलनिकासी जरूरी है।
शहर में जलनिकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सफाई कर्मियों को लगाया गया है। जल्द ही समस्या को दूर करा लिया जाएगा।
- अवधेश कुमार, ईओ, नगर पालिका परिषद खलीलाबाद