गोरखपुर। को-ऑपरेटिव बैंक में सदस्य रेलकर्मियों को बैंक प्रबंधन ने बड़ी सहूलियत दी है। रेलकर्मियों को अब 20 लाख तक का लोन मिल सकेगा। इस संबंध में निर्णय भी हो चुका है।
ये बातें दी एनई एंड ईसी रेलवे इंप्लाइज मल्टी स्टेट प्राइमरी को आपरेटिव बैंक के सभापति राजेश कुमार सिंह ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताईं।
उन्होंने बताया कि बैंक में कस्टमर रिलीफ फंड का सृजन हो जाने से अंशधारक की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिजनों को त्वरित सहायता की भी व्यवस्था की गई है बशर्ते अंशधारक का खाता एनपीए न हो।
उन्होंने बताया कि बेहतर सुविधा प्रदान करने के क्रम में ही उन्हें सभी प्रकार के आवेदन-पत्रों को निशुल्क उपलब्ध कराए जाने के साथ- साथ शेयर के मद में संचित होने वाली 10 प्रतिशत राशि घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है। इससे वर्तमान में लगभग 44,000 अंशधारक लाभान्वित हो रहें हैं।
बैंक की अपने ऐसे अंशधारक जिनका बचत खाता जीरो बैलेंस पर भी संचालित हो, उसकी मृत्यु हो जाने पर नामिनी को बैंक में संचालित कस्टमर रिलीफ फंड से एक लाख रुपये सहयोग राशि भी उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में अंशधारकों के अतिरिक्त अन्य के लगभग 18 हजार विभिन्न जमा योजनाओं के खाते संचालित हैं, जिनपर अन्य बैंकों की तुलना में लगभग एक प्रतिशत अधिक ब्याज दिया जा रहा है।
कर्मचारियों और उनके पाल्यों को 10 लाख रुपये का बीमा भी कराया गया है। वर्तमान में बैंक में 191 कर्मचारी और 77 अभिकर्ता कार्य कर रहे हैं।
बैंक के सभापति राजेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके बैंक के जरिये अब छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
वर्तमान में डीडीयू के 40 से अधिक एमबीए के छात्रा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।