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खाद की दुकानों पर छापा, तीन के प्राधिकरण पत्र निलंबित

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दुकान पर खाद की जांच करते जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा। - फोटो : KHALILABAD
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खाद की दुकानों पर छापा, तीन के प्राधिकरण पत्र निलंबित
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- कहीं स्टॉक बोर्ड नहीं मिला तो कहीं अधिक दाम पर खाद लेने की शिकायत मिली
कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने खाद की 17 दुकानों पर की जांच
संतकबीरनगर। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने सोमवार को तीनों तहसीलों के खाद की 17 दुकानों पर छापा मारा। इस दौरान तीन दुकानों पर कमियां मिलने पर उनके प्राधिकरण पत्र को निलंबित कर बिक्री प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही डीएपी एवं सिंगल सुपर फास्फेट के नमूने लिए।
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जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि सद्गुरु खाद भंडार पायलपार से उपस्थित किसानों को डीएपी यूरिया का वितरण कराया गया। इसके बाद साईं बीज भंडार पायलपार, सहकारी क्रय-विक्रय समिति सियरा सांथा, चौधरी खाद भंडार नौरंगिया, किसान ट्रेडर मैनसिर, डीसीएफ मैनसिर, एग्री जंक्शन विश्वनाथपुर, चौरसिया बीज खाद भंडार नाथनगर, एग्री जंक्शन नाथनगर, इफको ई बाजार मूडाडिहा, कसौधन कृषि सेवा केंद्र बंडा बाजार, दुर्गा खाद भंडार उमरिया बाजार, जगदीश खाद भंडार उमरिया बाजार का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के कार्रवाई के समय चौधरी खाद भंडार नौरंगिया के प्रतिष्ठान पर स्टाक बोर्ड, रेट बोर्ड, दुकान के नाम को प्रदर्शित करने वाला बोर्ड नहीं पाया गया। साथ ही पीओएस मशीन भी नहीं प्रस्तुत की गई। जिससे उर्वरक बिक्री प्राधिकार पत्र को निलंबित कर बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई। इसी क्रम में उमरिया बाजार के दुर्गा खाद भंडार उमरिया बाजार की बिक्री रजिस्टर से कृषक संतोषी देवी निवासी छपरा पूर्वी, श्री कालीचरण निवासी नेतवापुर को फोन करके उनसे डीएपी उर्वरक के लिए गए मूल्य की जानकारी की गई जिस पर दुकानदार द्वारा अधिक मूल्य लिए जाने की जानकारी किसानों ने दी। इस कारण दुर्गा खाद भंडार उमरिया बाजार का लाइसेंस निलंबित कर बिक्री प्रतिबंधित की गई। इसी क्रम में जगदीश खाद भंडार के निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान के नाम का बोर्ड लगा नहीं पाया गया, पीओएस मशीन बंद पाई गई। रेट बोर्ड भरा नहीं पाया गया, इस कारण प्राधिकार पत्र निलंबित करते हुए बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई। यदि उर्वरक विक्रेताओं द्वारा किसानों को निर्धारित मूल्य उर्वरक पर बिक्री नहीं की जाती है, तो लिखित में शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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