बखिरा। बघौली ब्लॉक क्षेत्र के बखिरा कसबे में स्थित पोखरे की सफाई कार्य में नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत पर हुई जांच की पारदर्शिता पर गांव वालों ने सवाल उठाए हैं। लोगों ने बगैर भौतिक सत्यापन के ही जांच की कोरम पूरा करने का आरोप मढ़ते हुए दुुबारा जांच कराने की डीएम से मांग की।
राजेश गुप्त, प्रदीप वर्मा, सुनीता, बृजेश कुमार, अमरनाथ, परवेज, भोला, दीनानाथ, दयाशंकर, किरन देवी, सुनील सिंह ने जिलाधिकारी को गुरुवार को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि बखिरा के एक पोखरे की सफाई के लिए विकास खंड कार्यालय से धन निर्गत हुआ था।
मनरेगा के अंतर्गत सफाई का कार्य किया जाना था, किंतु नियमों का उल्लंघन कर ट्रैक्टर, पंपिंग सेट का उपयोग किया गया। पोखरे में जलजमाव होने के बावजूद पंपिंगसेट लगाया गया था। पोखरे की सफाई में बाहरी ठेके के मजदूरों से काम लिया गया। इसकी शिकायत करने पर संबन्धित द्वारा धमकी दी जाती थी। विगत 11 जून को इसकी शिकायत डीएम से गई थी।
डीएम के निर्देश पर जांच टीम बनी, किंतु टीम ने शिकायतकर्ताओं को बिना बताए व मौके पर गए बगैर ही जांच की खानापूर्ति पूरी कर रिपोर्ट बना दी। ग्रामीणों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने पुन: 11 अगस्त को डीएम से शिकायत करके मामले में अन्य टीम गठित कर सरकारी धन का बंदरबांट रोकने के लिये पारदर्शिता से प्रकरण की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने इस प्रकरण से मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, डीसी मनरेगा को भी अवगत कराया है। लोगो ने डीएम को बताया की पूर्व में गठित टीम में एडीओ पंचायत ही बखिरा के सेक्रेट्री भी है। ऐसे में इस मामले में मिलीभगत की पूरी गुंजाइश है। जांच में पूरे सबूत होने के बाद भी ब्लॉक कार्यालय में ही जांच कर लिया गया।