संतकबीरनगर जिले के विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को डीएम की अध्यक्षता में आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा हुई। जिसमे मुख्यमंत्री संदर्भ, आयुक्त संदर्भ, जिलाधिकारी संदर्भ, तहसील दिवस संदर्भ सहित अन्य ऑनलाइन एवं ऑफलाइन संदर्भों के सापेक्ष प्राप्त, निस्तारित एवं लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई।
डीएम प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करके रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। डीएम ने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के डिफाल्टर होने व निस्तारित शिकायतों की खराब गुणवत्ता पाए जाने पर कुछ विभागीय अधिकारियों को इसमें सुधार लाने की कड़ी चेतावनी भी दी।
डीएम ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए कि निस्तारण की गुणवत्ता खराब होने के कारण उच्च स्तर से शिकायतें पुन: वापस आ जाए। डीएम ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता का पक्ष भी अवश्य सुना जाए और सदंर्भो के निस्तारण का परिणाम से भी शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए। बैठक में कर-करेत्तर की समीक्षा के दौरान आबकारी, व्यापार कर, स्टाम्प शुल्क, विद्युत देयों की वसूली, नगर निकायों में राजस्व संग्रह की स्थिति, खनन, मंडी समिति, बांट माप, खाद्य एवं सुरक्षा सहित अन्य राजस्व संग्रह से संबंधित विभागों की ओर से लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व देयों की वसूली की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एसपी सोनम कुमार, एडीएम मनोज कुमार सिंह, सीडीओ अतुल मिश्र, एएसपी संतोष सिंह, एसडीएम अजय कुमार त्रिपाठी, योगेश्वर सिंह, नवीन श्रीवास्तव, रमेश चंद और डीडीओ सुदाम प्रसाद समेत अन्य मौजूद थे।
पराली न जलाने के लिए किया जाए जागरूक : डीएम
संतकबीरनगर। डीएम प्रेम रंजन सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में बैठक हुई। डीएम ने निर्देश दिए कि कृषि विभाग, राजस्व विभाग व विकास विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी, लेखपाल, रोजगार सेवक के माध्यम से प्रत्येक गांव में पराली जलाने से हानि, नहीं जलाने से लाभ, निर्धारित दंड की जानकारी देते हुए जागरूक किया जाए। इसके साथ ही किसानों को पराली को सड़ाने के लिए कृषि विभाग बायोडिकॉम्पोजर का वितरण कराएं।
डीएम ने कहा कि खंड विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी ग्राम प्रधान गणों की बैठक करते हुए सुनिश्चित करें कि किसी ग्राम में पराली न जले। जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी विद्यालयों में छात्रों को जागरूक करें। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से निराश्रित गो-आश्रय स्थलों में पराली पहुंचवाए। एसडीएम अपने तहसील में पुलिस, कृषि, विकास विभाग के सहयोग से पराली जलाने की घटना को शून्य करें। बैठक में एसपी सोनम कुमार ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव स्तर पर गस्त करके पराली जलाने की घटना को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करें।
बैठक में एडीएम मनोज कुमार सिंह, सीडीओ अतुल मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, एसडीएम खलीलाबाद अजय कुमार त्रिपाठी, मेंहदावल योगेश्वर सिंह, नवीन श्रीवास्तव, अपर एसडीएम रमेश चंद्र, डीडीओ सुदामा प्रसाद, उप कृषि निदेशक लोकेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, बीएसए अतुल कुमार तिवारी, जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा उपायुक्त उद्योग राज कुमार शर्मा, डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद, अधिशासी अधिकारी नलकूप खंड लालचंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी विजयश्री आदि मौजूद रहे।