सेमरियावां। रमजान माह में रोजे रखने के बाद ईद का मनाई जाएगी। रोजे रखने के साथ ही साथ मुस्लिम समाज के लोग दूसरी जरूरत की चीजों की खरीदारी में भी लगे हैं। ईद के लिए सेंवई और रोजा इफ्तार के लिए फलों की खरीदारी जोरशोर से हो रही हैं। जैसे-जैसे रोजे बीत रहे हैं, उसी के मुताबिक बाजार में चहल-पहल भी अधिक हो रही है।
बाजारों में सेब, केला, अंगूर, अनार, संतरा, पपीता, तरबूज, खीरा जैसे फलों की मांग बढ़ी हुई है, वहीं खजूर की कई किस्में दुकानों की शान बनी हैं। दुकानदारों का कहना है कि रमजान के पहले दिन से फलों की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी है। सेंवई की दुकानों पर भी खास चहल-पहल रहती है। कई दुकानों पर सेंवई के साथ-साथ शीरखुरमा बनाने के लिए ड्राई फ्रूट्स, इलायची, केसर और गुलाब जल भी उपलब्ध हैं।
रमजान के आखिरी दिनों में, खासकर ईद के नजदीक आते ही सेंवई की बिक्री चरम पर पहुंच जाती है। रोजेदारों का कहना है कि दिन भर के रोजे के बाद इफ्तार में फल और मीठे व्यंजन शरीर को ताजगी देते हैं। महिलाएं खासतौर पर घर में बनने वाले इफ्तार और सहरी के लिए बाजार से ताजे फल और सामग्री खरीदती नजर आती हैं। दुकानदारों के अनुसार रमजान उनके लिए भी रोजगार का अच्छा अवसर लेकर आता है। कई अस्थायी दुकानें केवल इसी महीने के लिए लगाई जाती हैं। फुटपाथ पर सजी इन दुकानों से छोटे व्यापारियों को अच्छी आमदनी होती है।
हालांकि कुछ दुकानदारों का कहना है कि महंगाई के कारण फलों और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, फिर भी रोजेदार जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं। शाम ढलते ही बाजारों में और भी रौनक बढ़ जाती है। इफ्तार के समय से पहले लोग तेजी से खरीदारी करते नजर आते हैं।