संतकबीरनगर। जनपद में गेहूं क्रय केंद्रों पर 709 किसानों से अब तक 3537.88 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। 8,11,72,630.15 रुपया भुगतान किया जाना है। पीसीएफ पर किसानों का 13 लाख रुपया बकाया है। सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान गेहूं बेचने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। इसके कारण अधिक्तर क्रय केंद्रों पर दिन भर बैठकर अधिकारी और कर्मचारी खाली हाथ वापस आ रहे हैं।
किसानों से गेंहू खरीद के लिए जनपद में खाद्य विभाग के 24, भारतीय खाद्य निगम के 2, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ के 42 और उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के एक केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर अब तक 3537.88 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। जबकि शासन से 15 जून तक 64 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों के रूचि न दिखाने के कारण 15 जून तक लक्ष्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने किसानों के न पहुंचने पर अधिकारी कर्मचारी खाली हाथ लौट रहे है। शासन ने इस वर्ष 2275 रुपया प्रति क्विंटल गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। किसानों के मुताबिक सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों से अधिक मूल्य बाजार के कारोबारी दे रहे है और वह आकर घर से गेहूं ले भी जा रहे हैं।
डिप्टी आरएमओ रुपेश कुमार का कहना है कि गेहूं के शासन से गेंहू के समर्थन मूल्य से अधिक मूल्य किसानों को बाजार में मिल रहा है इसलिए किसान बचे खुचे गेहूं को बाजार में बेच रहे हैं। अधिकांश सरकारी क्रय केंद्रों पर दिनभर बैठकर खाली हाथ वापस आ रहे हैं।