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Sant Kabir Nagar News: मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन

Tue, 30 Dec 2025 01:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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मतादाता सूची में मृतकों को जिंदा करने के विरोध में प्रदर्शन करते ओनबिलाई गांव के लोग -संवाद - फोटो : भदैंया के ज्ञानीपुर में ट्रांसफार्मर पर लगा स्मार्ट मीटर।
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संतकबीरनगर। मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। कहीं पर प्रधान का नाम मतदाता सूची से गायब हो गया है तो नाम जानबूझकर कटवा दिए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। कहीं मृतक को जिंदा दिखाया गया है तो कहीं जिंदा को मृत दिखाकर सूची से नाम काट देने की शिकायतें मिल रही है। इसके लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है। इसके साथ ही आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हुआ है। फिलहाल प्रशासन दावे और आपत्तियों के दौरान गड़बड़ी दूर कराए जाने का आश्वासन दे रहा है।
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वोटर लिस्ट में मृत को जिंदा करने के विरोध में ब्लॉक पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
महुली। नाथनगर के ग्राम उनबिलाई की निर्वाचक नामावली में गड़बड़ी से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। बीएलओ पर मृत व्यक्ति को जीवित और जीवित व्यक्ति को मृत बताने का आरोप लगाया। ग्रामीणाें ने वोटर लिस्ट में सुधार करने की मांग की। कहा कि अगर जल्द ही सुधार नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन कर रहे गोपाल उपाध्याय, विजय कुमार, अमरजीत, जगदीश प्रसाद, रमन, रामपाल, शिव शंकर, भोला उपाध्याय, नीतू, रंजीत, रामसमुझ आदि का कहना था गांव में तैनात बीएलओ ने घर-घर न जाकर एक व्यक्ति के कहने पर मतदाता सूची में तमाम लोगों का नाम काट दिया है। जो लोग कई वर्ष पूर्व मृत हो चुके हैं, 2003 की सूची से ढूंढ कर उनका नाम जोड़ दिया है। इससे गांव के सैकड़ों लोग मतदान से वंचित रह जाएंगे। शिकायत के बाद भी ब्लॉक स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अजय, संगीता, विजय कुमार, नेहा, सोनमती, मीना देवी, प्रदीप, रीता देवी आदि चार दर्जन लोग ऐसे हैं, जिन्हें मृत दिखा दिया गया है। गांव के बृजेश, कृपा निधान, वीरेंद्र नाथ, इंद्रमणि आदि मृत हो चुके हैं। वोटर लिस्ट में इनका नाम जोड़ दिया गया है। इस तरह मतदाता सूची में भारी पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। शिकायत के बाद सुनवाई न होने पर मजबूर होकर ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन करना पड़ा। उनका कहना था अगर वोटर लिस्ट में नाम सुधार नहीं किया गया तो मंगलवार से धरने पर बैठने पर मजबूर होंगे।

इस संबंध में एडीओ पंचायत सतीश कुशवाहा ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू करा दी गई है ।जल्द ही वोटरलिस्ट की जांच करा कर अगर शिकायत शी मिली तो उसमें सुधार कर दिया जाएगा।
पुरैना में बीएलओ ने 125 पात्र लोगों को नहींं जोड़ा नाम
सेमरियावां। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अनंतिम मतदाता सूची को लेकर आपत्तियां जारी है। सेमरियावां ब्लाॅक के पुरैना गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि बीएलओ ने एक व्यक्ति की मिलीभगत से व पैसा की लालच में पात्रों का नाम नही जोड़ा है। बीएलओ ने एप की ओटीपी उस व्यक्ति को दे दिया, जिससे उस व्यक्ति ने नाबालिग लोगों का नाम मतदाता सूची में जुड़वा लिया है। एडीओ पंचायत सेमरियावां से आपत्ति कराया गया है। साथ ही एसडीएम सदर व अधिकारियों से शिकायतें दर्ज कराई हैं। बीएलओ पर कार्रवाई की मांग की गई है।
पुरैना गांव के तौहीद अहमद, जलाल अहमद, कलफुद्दोजा, इमरान अहमद, फारूक अहमद, लक्ष्मन प्रसाद, मुतीउर्रहमान आदि का दावा है कि 18 वर्ष आयु पूरी करने वाले 65 मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करने के लिए दिया गया। मगर एक भी नाम नहीं बढ़ाया गया। आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर वोटरलिस्ट में खेल किया गया। नाबालिग को जोड़ दिया गया और पात्र मतदाताओं को बाहर कर दिया गया। लोगों ने बताया कि मतदाता पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ ने 160 लोगों का नाम लाल डायरी में नोट करके ले गया। उसमें से 30-35 लोगों का नाम पोर्टल पर आनलाइन किया और शेष लोगों का नाम ऑनलाइन दर्ज नहीं किया।
इससे लगभग 125 पात्र लोगों मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो सका है। 23 दिसंबर को मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद बीएलओ से पूछताछ की गई। गांव वालों का आरोप है कि बीएलओ से गड़बड़ी की जानकारी चाही तो संतोषजनक जवाब देने के बजाय बीएलओ कह रहा कि एक घंटा के लिए उसने एक व्यक्ति को पोर्टल एप का ओटीपी दे दिया था। गांव वालों ने कहा कि बीएलओ की मिलीभगत से गड़बड़ी की गई है। इसकी जांच कर नाबालिग मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया जाए और पात्र मतदाता का नाम जोड़ा जाए। लोगों में काफी आक्रोश है। ऐसे में उन्हें मताधिकार से वंचित कर दिया गया है।



बीएलओ के रूप में तैनात रोजगार सेवक शम्श तबरेज ने बताया कि जिनका नाम नहीं आया है, वे फार्म-2 भरकर जमा कर दें। घर-घर जाकर जानकारी ली तथा जो मतदाता 18 वर्ष से अधिक का मिला उसका नाम ऑनलाइन किया गया। आरोप निराधार हैं। मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है। किसी नाबालिग का नाम मतदाता सूची में नहीं डाला गया है। 18 वर्ष के ऊपर वालों का नाम ऑनलाइन किया गया है। बीएलओ ने बताया कि उन्होंने किसी को ओटीपी नहीं दिया।
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