- तहसील में न्यायिक कार्य पर पड़ रहा विपरीत असर
धनघटा। उपनिबंधक कार्यालय धनघटा के भवन निर्माण के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। एक माह से जारी धरना प्रदर्शन को लेकर जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए है। दूसरी तरफ धरना प्रदर्शन से तहसील की न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो चुकी है। तहसीलदार व एसडीएम कोर्ट में अनेक वाद लंबित पड़े हुए है। वादकारी तहसील से निराश घरों को वापस लौट रहे हैं। सोमवार को धरने पर बैठे अधिवक्ताओं ने कहा कि जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छेड़ा गया संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक जिम्मेदार अधिकारी विवादित स्थल पर भवन निर्माण पर रोक नहीं लगाते हैं।
तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लाल शरण सिंह व महामंत्री केशव पाठक ने कहा कि उपनिबंधक कार्यालय भवन निर्माण को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की कारगुजारी जग जाहिर हो चुकी है। न्यायालय द्वारा विवादित भूमि पर स्थगन आदेश प्रभावी होने के बावजूद भवन का निर्माण कराया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि धरना प्रदर्शन को और गति देने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। तहसील पर जारी धरना प्रदर्शन अब जिला मुख्यालय पर पहुंचेगा। यह आंदोलन को बृहद करने की तैयारी चल रही है। धरना प्रदर्शन को तेज करने के लिए जिला बार एसोसिएशन का भी सहयोग लिया जा रहा है।
इस मौके पर अधिवक्ता प्रेम नारायण मिश्र, हनुमान प्रसाद, दिलीप तिवारी, सुनील पांडेय, सुरेंद्र सिंह, शांता श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।