संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को भी विद्युत कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने आरोप लगाया कि निजीकरण से पहले से आउट सोर्सिंग कर्मियों को हटाया जा रहा है। साथ ही बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं की छंटनी की साजिश की जा रही है।
विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर चौथे दिन बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसके बाद अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। कर्मियों ने कहा कि यह धरना 18 जनवरी को भी जारी रहेगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि निजीकरण के बाद बिजली कर्मियों ,जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं की बड़े पैमाने पर छंटनी की साजिश की जा रही है। यह न तो कर्मचारियों के हित में है और न ही उपभोक्ताओं के हित में है। इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने कहा कि निजीकरण होने के पहले ही संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है जिससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा है।
धरना में इंजीनियर मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, श्रीराम आदि उपस्थित रहे ।