संतकबीरनगर। पानीपत एक्सप्रेस-वे के किनारे इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को प्रस्ताव दिया है। प्रशासन की ओर से प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा। एक्सप्रेस-वे मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 32 गांवों से होकर गुजरेगा। प्रस्ताव मंजूर होने पर उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के दोनों किनारे इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव जिलाधिकारी को सौंपा है। इस प्रस्ताव को शासन को भेजने के लिए जिला प्रशासन मंथन कर रहा है। प्रस्ताव में एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि जिले में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। वर्तमान में प्रस्तावित पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे जिले की सीमा से होकर गुजरेगा। इसके मद्देनजर औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा अवसर है।
एक्सप्रेस-वे के किनारे यदि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के माध्यम से नियोजित औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाता है तो इससे न केवल जिला बल्कि बस्ती मंडल व पूर्वांचल में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन तथा आर्थिक गतिविधियों की गति तेज होगी।
एसोसिएशन ने कहा है कि जनपद में होजरी एवं रेडीमेड गारमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग एवं एमएसएमई इकाइयों के विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर विकसित होने से इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा। एसोसिएशन ने प्रमुख पांच बिंदुओं से संबंधित प्रस्ताव को प्रशासन को सौंपते हुए कहा है कि एक्सप्रेसवे के दोनों किनारे उपयुक्त भूमि का सर्वेक्षण एवं चिह्रांकन कराया जाए, यूपीडा के जरिए औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए डीपीआर तैयार कराया जाए, कॉरिडोर में टेक्सटाइल रेडीमेड-गारमेंट, पार्क होजरी, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, ट्रक टर्मिनल तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए जाएं।
इसके अलावा सड़क, विद्युत, ड्रेनेज, डिजिटल नेटवर्क, गैस पाइपलाइन तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाए। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने कहा कि औद्योगिक गलियारा के संबंध में एक प्रस्ताव जिलाधिकारी को सौंपा गया है, जिसमें कॉरिडोर से संबंधित आवश्यक सुझावों को शामिल किया गया है। प्रशासन को चाहिए कि औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत प्राथमिकता प्रदान करते हुए शीघ्र स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे।
इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर से होंगे ये लाभ
उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के मुताबिक औद्योगिक कॉरिडोर के विकसित होने से जनपद पूर्वांचल के प्रमुख औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा। हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध होगा। स्थानीय एमएसएमई इकाइयों होजरी, मेटलवेयर एवं कृषि आधारित उद्योगों का विस्तार होगा। निवेश, निर्यात तथा राजस्व वृद्धि होगी। पूर्वांचल में संतुलित एवं समावेशी औद्योगिक विकास सुनिश्चित होगा।