संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान चेतावनी दी कि यदि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पास कराने का प्रयास किया गया तो इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि 30 जनवरी 2026 को केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने गुप्त रूप से एक आदेश जारी कर वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। अब यह जानकारी प्राप्त हुई है कि उक्त वर्किंग ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय विद्युत मंत्री को सौंप दी है। जानकारी मिली है कि संपूर्ण पॉवर सेक्टर के निजीकरण के लिए इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 10 मार्च को लोकसभा में रखा जाना है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संघर्ष के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने झूठे आंकड़ों के आधार पर विद्युत निगमों के निजीकरण की साजिश की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवाद