अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर बिज्रली निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने इसे निजी घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश करार देते हुए निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त किए जाने की मांग किया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी विवेकानंद नायक ने सार्वजनिक क्षेत्र में रहते हुए लाइन हानियों में गुणात्मक कमी हुई है। आगरा और ग्रेटर नोएडा का निजीकरण का प्रयोग विफल हो गया है। ऐसे में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जानी चाहिए। संघर्ष समिति के पदाधिकारी विजय कुमार ने कहा कि काम करने के बावजूद बिजली कर्मचारियों को लगातार तीन माह तक वेतन नहीं दिया गया। यह बहुत ही गंभीर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई है। संविदा कर्मियों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने से विभिन्न जनपदों में प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, भास्कर पांडेय, योगेंद्र चौहान, सत्येंद्र सिंह, अशोक कुमार, सीके मौर्य, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, रमेश प्रजापति, देवप्रकाश शर्मा, आशुतोष कुमार, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।