अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व कर्मचारियों के हित में नहीं है। ऐसे में इसे तत्काल वापस लिया जाए। इसके साथ ही 24 दिसंबर को ट्रेड यूनियनों व किसान संगठनों के साथ संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन का एलान किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर अनंत कुमार ने कहा कि 23 दिसंबर को किसान दिवस होने के कारण यह निर्णय लिया गया है कि बिजली कर्मियों, ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों का निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन 24 दिसंबर को होगा। उन्होंने कहा कि निजीकरण का प्रयोग विफल रहा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप सिंह ने कहा कि झूठा आंकड़ा देकर निगमों के निजीकरण की साजिश रची जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी चंद्र केश मौर्य ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की जल्दबाजी में है। उसे यह भी बताना चाहिए कि आगरा के निजीकरण का क्या परिणाम रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि घाटे के झूठे आंकड़े देकर निजीकरण की वकालत करने वाला प्रबंधन आगरा फ्रेंचाइजी पर चुप्पी क्यों साधे है।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, रंजन कुमार, श्रवण प्रजापति, वीरेंद्र मौर्य , सत्येंद्र सिंह, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, प्रद्युम्न कुमार आदि मौजूद रहे।