संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण प्रक्रिया को साजिश करार देते हुए इसे निरस्त किए जाने की मांग किया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी वीरेंद्र मौर्य ने कहा है कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के पीछे अधिक राजस्व वाले कई शहरों को अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी के जरिए निजी घरानों को देने की योजना है। वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग का सुझाव ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन का है और यह केवल निजीकरण के लिए है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में विगत 10 महीने से अधिक समय से आंदोलन चल रहा है। इसके बाद भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर स्वीकृत पदों की संख्या घटाई जा रही है।
संविदा कर्मियों की नौकरी जाएगी, क्योंकि निजी फ्रेंचाइजी संविदा कर्मियों और नियमित कर्मचारियों को अपने यहां नहीं रखती। इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, योगेंद्र चौहान, सुनील प्रजापति, भास्कर पांडेय, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, दिलीप मौर्य, विकास पंचाल, आशीष कुमार, सूरज प्रजापति, रंजन कुमार, मनीष मिश्रा, आर्यन कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद